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28 वन अधिकारी बनेंगे SDO, लेकिन एक अफसर ने जीते इतने पुरस्कार कि बन गए ऑलराउंडर टॉपर

देहरादून की केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा से दो साल का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 28 अधिकारी अब अपने राज्यों में SDO की जिम्मेदारी संभालेंगे. कर्नाटक के शशि कुमार एमसी ने 88.47 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया और सबसे ज्यादा पुरस्कार हासिल कर सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर प्रशिक्षु बने.

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Edited By: Babli Rautela
28 वन अधिकारी बनेंगे SDO, लेकिन एक अफसर ने जीते इतने पुरस्कार कि बन गए ऑलराउंडर टॉपर
Courtesy: AI

उत्तराखंड के देहरादून में वन सेवा के लिए दो साल का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाले 28 युवा अधिकारियों का नया सफर अब शुरू होने जा रहा है. केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून में आयोजित दीक्षा समारोह के दौरान सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाण पत्र दिए गए. अब ये अधिकारी अपने अपने कैडर राज्यों में उप प्रभागीय वनाधिकारी यानी SDO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.

38वें राज्य वन सेवा अधिष्ठापन पाठ्यक्रम के इस बैच में कुल 28 अधिकारी शामिल रहे. इनमें 18 अधिकारियों को सम्मान उपाधि और 10 अधिकारियों को डिप्लोमा प्रदान किया गया. खास बात यह रही कि इस बैच में 12 महिला अधिकारी भी शामिल हैं.

वन सेवा में असली परीक्षा अब शुरू होगी

वन अनुसंधान संस्थान के दीक्षा सभागार में आयोजित समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण चेन्नई के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी वीरेंद्र आर तिवारी ने किया. उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की कठिन परीक्षा पास करके वन सेवा में प्रवेश करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. हालांकि, असली चुनौती अब कार्यक्षेत्र में शुरू होगी.

उन्होंने अधिकारियों से वन अग्नि प्रबंधन, अग्नि रेखा निर्माण, वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कानूनों की जानकारी को जमीन पर लागू करने की अपील की. उन्होंने कहा कि वन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल जंगलों की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा में भी उनकी अहम भूमिका है.

शशि कुमार बने सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर प्रशिक्षु

इस बैच में शशि कुमार एमसी ने अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा ध्यान खींचा. उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कई पुरस्कार हासिल किए और सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रशिक्षु के तौर पर अपनी पहचान बनाई. शशि कुमार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पदक के साथ सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रशिक्षु और सबसे व्यावहारिक वन अधिकारी के लिए रजत पदक दिया गया. इसके अलावा वन प्रबंधन और कार्ययोजना में दक्षता के लिए रजत पदक तथा पारिस्थितिकी में दक्षता के लिए भी रजत पदक मिला. उन्हें आरसी कौशिक पुरस्कार और वन संरक्षण एवं जनजातीय कल्याण में दक्षता के लिए पी श्रीनिवास पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.

88.47 प्रतिशत अंकों के साथ रहे पहले स्थान पर

अकादमी की ओर से जारी परिणाम के अनुसार शशि कुमार एमसी ने 88.47 प्रतिशत अंक हासिल करके पहला स्थान प्राप्त किया. कर्नाटक की ही विद्याश्री एमआर 81.76 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि दीक्षा संजय कोडकनी ने 81.35 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. विद्याश्री एमआर को अंतिम परिणाम में दूसरा स्थान हासिल करने के लिए पीके सेन संरक्षणवादी पुरस्कार प्रदान किया गया. वहीं छत्तीसगढ़ के अभिनव शर्मा अंतिम परिणाम में 11वें स्थान पर रहे. उन्हें वन अभियंत्रण और सर्वेक्षण में दक्षता के लिए केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा संगठन पुरस्कार मिला.