CM ऑफिस की जांच में हुआ खुलासा, फर्जी नक्शा अपलोड कर कराया जा रहा था अवैध निर्माण; इंजीनियर को मिला नोटिस
टिहरी जिला विकास प्राधिकरण में व्यावसायिक भवन के स्वीकृत नक्शे की जगह ऑनलाइन पोर्टल पर दूसरा नक्शा अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है.
टिहरी जिला विकास प्राधिकरण में व्यावसायिक भवन के स्वीकृत नक्शे को ऑनलाइन पोर्टल पर बदलने का मामला सामने आया है. शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कराई गई गोपनीय जांच में स्वीकृत नक्शे की जगह दूसरा नक्शा अपलोड किए जाने की बात सामने आई है. मामले में टिहरी जिला विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता पंकज भट्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है.
मामले के अनुसार संबंधित व्यावसायिक भवन का मानचित्र छह अप्रैल को स्वीकृत किया गया था. इसके बाद 30 जून को ऑनलाइन पोर्टल पर स्वीकृत मानचित्र की जगह दूसरा नक्शा अपलोड पाया गया. आरोप है कि मनचाहे निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शे में बदलाव किया गया.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने क्या लिया एक्शन?
शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की गोपनीय जांच कराई. जांच में दस्तावेजों में बदलाव किए जाने की बात सामने आने के बाद प्राधिकरण स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है.
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सहायक अभियंता को तीन दिन में जवाब देने के निर्देश
टिहरी जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने सहायक अभियंता पंकज भट्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाने और दस्तावेज तैयार करने को गंभीर मामला बताया गया है.
प्राधिकरण ने जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है. निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने या जवाब अभिलेखीय साक्ष्यों से अलग पाए जाने की स्थिति में उत्तराखंड सरकारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है.
मूल स्वीकृत नक्शे पर भी उठे सवाल
मामला केवल ऑनलाइन पोर्टल पर नक्शा बदलने के आरोपों तक सीमित नहीं है. नोटिस में छह अप्रैल को स्वीकृत मूल मानचित्र पर भी सवाल उठाए गए हैं. इसमें स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट से जुड़े प्रावधान भवन उपविधि, 2011 के संशोधित 2024 प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात कही गई है.
कई मामलों में गड़बड़ी की चर्चा
बताया जा रहा है कि प्राधिकरण में इस तरह की गड़बड़ी के अन्य मामले भी सामने आए हैं. हालांकि, इन मामलों में क्या कार्रवाई हुई है और कितने नक्शों में बदलाव किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है.
भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों को लेकर उत्तराखंड सरकार की ओर से 1064 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की सुविधा भी संचालित की जा रही है. टिहरी प्राधिकरण का यह मामला सामने आने के बाद अब विभागीय जांच और संबंधित अधिकारी के जवाब पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी.