उत्तराखंड राज्य को जल्द ही नए राज्यपाल मिलने जा रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को देश के कई राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियों की घोषणा की है, जिसमें मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक सूची में उनका नाम शामिल है. यह नई नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों द्वारा पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी.
वर्तमान में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह हैं, जिन्होंने सितंबर 2021 में इस पद की कमान संभाली थी. डॉ. ढाल सिंह बिसेन के कार्यभार संभालने की तिथि की घोषणा जल्द ही किए जाने की संभावना है.
डॉ. बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुआ था. शैक्षणिक रूप से वे आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के चिकित्सक (डॉक्टर) हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश की बरघाट विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरकर इतिहास रचा. वे वर्ष 1990, 1993, 1998 और 2003 में लगातार चार बार विधायक चुने गए.
अपनी कार्यक्षमता के बल पर उन्होंने वर्ष 2003 से 2005 तक मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला. वर्ष 2011 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं. वर्ष 2019 के आम चुनावों में उन्होंने बालाघाट लोकसभा सीट से शानदार जीत दर्ज की और देश के संसद में बतौर सांसद पहुंचे.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लंबे समय से जुड़े रहने के साथ-साथ वे विभिन्न सामाजिक और जनहित के कार्यों में भी पूरी तरह सक्रिय रहे हैं. राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी की गई इस नई सूची में उत्तराखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी राज्यपालों में फेरबदल किया गया है.
ओम प्रकाश माथुर को केरलम (केरल) का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु की कमान सौंपी गई है.
ब्रज मोहन राम ओडिशा के नए राज्यपाल होंगे.
डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है.
दुष्यंत गौतम को सिक्किम राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
डॉ. ढाल सिंह बिसेन के प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उत्तराखंड में उनके आगमन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. एक चिकित्सक से लेकर जमीनी स्तर के विधायक, मंत्री और सांसद तक का सफर तय करने वाले डॉ. बिसेन का अनुभव देवभूमि उत्तराखंड के विकास और संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा.
उनके जल्द ही देहरादून पहुंचकर आधिकारिक रूप से उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेने और पदभार ग्रहण करने की उम्मीद है. पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई नए कार्यक्रमों और बैठकों का दौर शुरू होने की संभावना है.