देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार की सख्त और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते प्रदेश में अराजकता फैलाने वालों और उपद्रवियों पर प्रभावी लगाम लगाई गई है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि सरकार ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही उसकी भरपाई कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की है.
सीएम धामी ने कहा कि सरकार की सख्त नीति का परिणाम है कि दंगाइयों और उपद्रवियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी डैमेज रिकवरी एक्ट लागू किए जाने के बाद दंगों और हिंसा के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई उपद्रव करने वालों से ही वसूली जाएगी.
यह हमारी सरकार की सख्ती और अराजकता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में दंगाइयों और उपद्रवियों पर प्रभावी नकेल कसी गई है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 22, 2026
उत्तराखण्ड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली कानून को लागू कर हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि उपद्रव और हिंसा के कारण सार्वजनिक… pic.twitter.com/fuvrtO03Ml
मुख्यमंत्री के मुताबिक अब किसी भी हिंसक घटना या दंगे के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी. सरकार का उद्देश्य ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
उन्होंने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही मुआवजा वसूलने की व्यवस्था उपद्रवियों के लिए कड़ा संदेश है. इससे भविष्य में हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कहते रहे हैं. ताजा बयान में भी उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
सरकार की ओर से सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के साथ हिंसा और दंगों में होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित उपद्रवियों पर तय करने पर जोर दिया जा रहा है.