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India Daily

'आपातकाल लोकतंत्र पर गहरा प्रहार', सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल की वर्षगांठ पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था.

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Edited By: Shanu Sharma
'आपातकाल लोकतंत्र पर गहरा प्रहार', सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन
Courtesy: ANI

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताते हुए उस दौर को याद किया है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा कर कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को गंभीर आघात पहुंचाया था.

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि आपातकाल के दौरान देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, प्रेस की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया और लाखों नागरिकों तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बिना सुनवाई के जेलों में बंद कर दिया गया. उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदत्त मौलिक अधिकारों को भी गंभीर रूप से सीमित कर दिया गया था, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा.

लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला था आपातकाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों पर किया गया सीधा प्रहार था. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा नागरिकों की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति के अधिकार और न्यायिक प्रक्रिया में निहित होती है, लेकिन आपातकाल के दौरान इन मूलभूत सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की ताकत यही रही कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए अनेक लोगों ने संघर्ष किया और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई.

 लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन

मुख्यमंत्री धामी ने उन सभी लोकतंत्र सेनानियों और प्रहरियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने आपातकाल के दौरान अत्याचार और दमन का विरोध किया. उन्होंने कहा कि अनेक लोगों ने व्यक्तिगत कठिनाइयों और उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया. उन्होंने कहा कि इन लोगों के साहस, त्याग और संघर्ष की वजह से भारत आज भी दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र बना हुआ है. उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आपातकाल का दौर देश के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिससे लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की सीख मिलती है.