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उत्तराखंड में मानसून की दस्तक में देरी, भीषण गर्मी से लोग बेहाल; चमोली में बारिश बनी आफत

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून सामान्य समय से करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंच रहा है. अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे सकता है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक में देरी, भीषण गर्मी से लोग बेहाल; चमोली में बारिश बनी आफत
Courtesy: AI (Grok)

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है और इस बीच भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है. देहरादून समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी. दूसरी ओर चमोली जिले में भारी बारिश ने तबाही मचाते हुए जनजीवन को प्रभावित कर दिया.

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून सामान्य समय से करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंच रहा है. अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे सकता है. तब तक लोगों को गर्म हवाओं और उमसभरे मौसम का सामना करना पड़ेगा.

देहरादून में बढ़ा तापमान

शुक्रवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिनभर तेज धूप रहने के बाद दोपहर में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, लेकिन मौसम साफ होते ही उमस और गर्मी फिर बढ़ गई. तापमान में लगातार वृद्धि के कारण लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

चमोली में बारिश से भारी नुकसान

जहां मैदानी क्षेत्रों में लोग गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में भारी बारिश आफत बनकर बरसी. तेज बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और बड़े बड़े पत्थर नीचे आ गए. इसका असर राजकीय इंटर कॉलेज पर भी पड़ा, जहां कई कक्षाओं और प्रधानाचार्य कार्यालय में मलबा भर गया. इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित करीब 12 दुकानों में भी मलबा घुस गया और सात वाहन इसकी चपेट में आकर दब गए.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदलने की संभावना जताई है. विभाग ने कई स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

कब मिलेगी गर्मी से राहत?

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि फिलहाल मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जबकि पर्वतीय इलाकों में रुक रुक कर होने वाली बारिश मौसम को अपेक्षाकृत सुहावना बनाए रख सकती है.