उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी लेखनी ने भारतीय साहित्य को नई दिशा देने के साथ-साथ देशवासियों में मातृभूमि के प्रति प्रेम, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत किया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान साहित्यकार, विचारक और राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में अतुलनीय योगदान रहा है.
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की ओजस्वी रचनाओं ने भारतीय समाज को नई सोच और नई दिशा प्रदान की. उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से लोगों में स्वाभिमान, देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का भाव जगाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के सशक्त संवाहक थे. उनकी रचनाओं में भारतीय सभ्यता, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन और कृतित्व समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा.
महान साहित्यकार, विचारक और राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 26, 2026
आपकी ओजस्वी लेखनी ने न केवल भारतीय साहित्य को नई दिशा प्रदान की, बल्कि देशवासियों के हृदय में मातृभूमि के प्रति प्रेम, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अलख भी जगाई। भारतीय संस्कृति और… pic.twitter.com/Sn7dkq596o
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की विचारधारा और साहित्य आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे. उन्होंने उनके अविस्मरणीय योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश के प्रति समर्पण, सांस्कृतिक गौरव तथा राष्ट्रीय चेतना के जिन मूल्यों को उन्होंने अपने साहित्य में स्थान दिया, वे आज भी भारतीय समाज के लिए मार्गदर्शक हैं. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे महान साहित्यकारों की विरासत से प्रेरणा लेकर देश निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा.