देहरादून: उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकसंगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले प्रसिद्ध लोकगायक हीरा सिंह राणा को उनकी पुण्यतिथि पर पूरे प्रदेश ने श्रद्धापूर्वक याद किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी आवाज और रचनाओं ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए हीरा सिंह राणा के योगदान को स्मरण किया. उन्होंने कहा कि लोकगायक ने अपने गीतों और मधुर स्वर के माध्यम से उत्तराखंड की लोक परंपराओं, लोकभाषाओं और जनभावनाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई. उनके अनुसार, हीरा सिंह राणा का योगदान केवल संगीत तक सीमित नहीं था, बल्कि वह प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक बड़ा माध्यम भी रहे.
हीरा सिंह राणा को उत्तराखंड के उन चुनिंदा लोक कलाकारों में गिना जाता है जिन्होंने अपने गीतों के जरिए पहाड़ की संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और जनजीवन को लोगों तक पहुंचाया. उनके गीतों में लोकजीवन की सादगी, संघर्ष और भावनाओं की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी. यही वजह है कि उनकी रचनाएं आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं.
अपने गीतों और मधुर स्वर से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, लोकभाषाओं और जनभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक गायक हीरा सिंह राणा जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन।
आपकी रचनाएँ केवल संगीत नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। लोक संस्कृति के संरक्षण और… pic.twitter.com/WsnXC0oxTL— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 13, 2026Also Read
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि, 'अपने गीतों और मधुर स्वर से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, लोकभाषाओं और जनभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने वाले लोक गायक हीरा सिंह राणा जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन. आपकी रचनाएं केवल संगीत नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में आपका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा.'
भले ही हीरा सिंह राणा आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत और विचार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं. उनकी रचनाएं उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने का काम कर रही हैं. प्रदेश के लोकसंगीत प्रेमियों और कलाकारों के लिए उनका जीवन और योगदान हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा.