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चंपावत में CM धामी ने शुरू किया 60 करोड़ का शारदा तटबंध कार्य, रखी नींव

मुख्यमंत्री धामी ने कहा- 'चंपावत और टनकपुर में हो रहा विकास कुछ लोगों की नींद उड़ा रहा है. ये वही लोग हैं जिन्होंने पचास साल तक सत्ता का फायदा उठाया. विकास के नाम पर जनता के पैसों को अपने चहेतों की जेब में भरते रहे. चुनाव के समय वादों की पोटली लेकर आते थे और जीतने के बाद पांच साल एसी कमरों में आराम करते थे.'

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Edited By: Antima Pal
चंपावत में CM धामी ने शुरू किया 60 करोड़ का शारदा तटबंध कार्य, रखी नींव
Courtesy: Pinterest

चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत में शारदा नदी पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तटबंध कार्य का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने 50 साल तक सत्ता की मलाई चाटी और जनता के पैसे से अपनी जेब भरी.

सीएम धामी ने शारदा तटबंध कार्य का किया शुभारंभ 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा- 'चंपावत और टनकपुर में हो रहा विकास कुछ लोगों की नींद उड़ा रहा है. ये वही लोग हैं जिन्होंने पचास साल तक सत्ता का फायदा उठाया. विकास के नाम पर जनता के पैसों को अपने चहेतों की जेब में भरते रहे. चुनाव के समय वादों की पोटली लेकर आते थे और जीतने के बाद पांच साल एसी कमरों में आराम करते थे.'

CM ने कार्यक्रम में किया लोगों से संवाद

उन्होंने आगे कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में जनता का हर एक पैसा विकास कार्यों में सही तरीके से लगाया जा रहा है. नियत साफ हो तो काम धरातल पर दिखते हैं. धामी ने कार्यक्रम में लोगों से संवाद करते हुए कहा- 'मैं आपके बीच मुख्यमंत्री बनकर नहीं, बल्कि परिवार के एक सदस्य की तरह आता हूं. आपका प्यार और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है, जो मुझे देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने की ऊर्जा देता है.'

शारदा नदी का महत्व

मुख्यमंत्री ने शारदा नदी की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सदियों से मां शारदा इस भूमि को समृद्ध करती आ रही हैं. लाखों परिवारों की खेती और आजीविका का आधार हैं. लेकिन बरसात में नदी जब रौद्र रूप धारण करती है तो कटाव की समस्या पैदा हो जाती है. तटबंध कार्य से अब कटाव रोका जाएगा और आसपास की जमीन सुरक्षित रहेगी.

टनकपुर-चंपावत में बड़े विकास कार्य

धामी ने बताया कि क्षेत्र में कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. टनकपुर में 122 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना, 237 करोड़ रुपये से आईएसबीटी का निर्माण, जौलजीबी मार्ग के लिए करीब 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. पूर्णागिरि में रोपवे, राजकीय पॉलिटेक्निक, राजस्व भवन जैसी सुविधाएं बनाई जा रही हैं. नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट बनेगा, जो व्यापार को बढ़ावा देगा. चंपावत में साइंस सेंटर और 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कारिडोर का निर्माण किया जाएगा.