उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस साल श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है. यात्रा के 147 दिनों में 50,28,497 तीर्थयात्री चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं. पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 45,09,324 थी. यात्रा के लिए करीब दो महीने बाकी हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है. सरकार ने सुरक्षित और सुचारु यात्रा के लिए व्यवस्थाएं मजबूत रखी हैं. प्रशासन निगरानी कर रहा है. मौसम को देखते हुए तैयारियां भी जारी हैं.
गंगोत्री धाम ने इस साल नया रिकॉर्ड बनाया है. अब तक 7,84,321 श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं. 2022 में 7,81,961 यात्रियों ने दर्शन किए थे. 2023 में यह आंकड़ा 7,12,749 और 2025 में 7,58,249 रहा. इस बार पिछले सभी आंकड़े पीछे छूट गए हैं. यमुनोत्री में भी 7,03,302 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि 2025 में यहां 6,44,637 यात्री आए थे. यात्रा जारी रहने से यह संख्या और बढ़ सकती है.
बदरीनाथ धाम में अब तक 17,28,578 श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं. पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 13,82,845 थी. श्री हेमकुंड साहिब में भी 3,19,135 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि इस साल प्रमुख तीर्थस्थलों पर यात्रियों की आवाजाही मजबूत बनी हुई है. आने वाले दिनों में यहां भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
चारधाम यात्रा के 147 दिनों में कुल 50,28,497 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं. पिछले वर्ष इसी अवधि में 45,09,324 यात्री पहुंचे थे. इस बार यात्रा के लिए करीब दो महीने का समय अभी बाकी है. ऐसे में प्रशासन को आगे भी तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. यात्रा का यह आंकड़ा उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण को भी दर्शाता है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा का पहला चरण सफल रहा है. दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है. सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. यात्रा वाले सभी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है. प्रशासन का जोर मौसम और अन्य चुनौतियों के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है.