उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में छोटे कारोबारों की भूमिका सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 प्रमुख जिलों में 6.53 लाख से ज्यादा अनिगमित प्रतिष्ठान हैं. इनमें लाखों लोग काम करते हैं. मैदानी जिलों में कारोबार अधिक हैं. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और रोजगार के आंकड़े ध्यान खींचते हैं.
उत्तराखंड के छोटे कारोबारों में ऊधम सिंह नगर सबसे आगे है। जिले में करीब 1,64,344 अनिगमित प्रतिष्ठान हैं, जिनसे लगभग 2.84 लाख कामगार जुड़े हैं. इसके बाद हरिद्वार में 1,07,441 प्रतिष्ठान और 1,79,017 कामगार हैं. नैनीताल में 86,994 प्रतिष्ठान हैं और करीब 1,60,846 लोग काम करते हैं. इन तीन जिलों में मिलकर राज्य के आधे से ज्यादा अनिगमित प्रतिष्ठान हैं. शीर्ष 10 जिलों में राज्य के करीब 92 प्रतिशत प्रतिष्ठान मौजूद हैं.
देहरादून कारोबारों की संख्या में सबसे आगे नहीं है लेकिन रोजगार के मामले में इसकी स्थिति मजबूत है. यहां 74,843 प्रतिष्ठानों से करीब 1,72,535 कामगार जुड़े हैं. हायर वर्कर प्रतिष्ठानों की हिस्सेदारी 31.19 प्रतिशत है, जो शीर्ष जिलों में सबसे ज्यादा है. महिला कारोबारियों के मामले में चमोली खास है. यहां महिला-स्वामित्व वाले प्रोप्राइटरी प्रतिष्ठानों की हिस्सेदारी 16.20 प्रतिशत है. जिले में 42,298 प्रतिष्ठान और करीब 51,647 कामगार हैं.
महिला रोजगार में पिथौरागढ़ आगे है. यहां 31,441 कामगारों में 20.69 प्रतिशत महिलाएं हैं. चमोली में यह हिस्सेदारी 17.78 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 17.67 प्रतिशत और देहरादून में 18.93 प्रतिशत है. कारोबारों के पंजीकरण में नैनीताल 81.47 प्रतिशत के साथ आगे है. वहीं पहाड़ी जिलों में प्रतिष्ठानों की संख्या कम है. रुद्रप्रयाग में 18,795, चंपावत में 14,147, पिथौरागढ़ में 26,393 और उत्तरकाशी में 32,301 प्रतिष्ठान हैं.