menu-icon
India Daily

शुरू होने वाली है चारधाम यात्रा, 15 से केदारनाथ हेली टिकट की होगी बुकिंग; जानें आपदा में काम आने वाली वैकल्पिक सड़कें

19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होगी. केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग 15 अप्रैल से शुरू होगी. मानसून में यात्रा सुरक्षित रखने के लिए सरकार सहायक सड़कों को तैयार कर रही है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
शुरू होने वाली है चारधाम यात्रा, 15 से केदारनाथ हेली टिकट की होगी बुकिंग; जानें आपदा में काम आने वाली वैकल्पिक सड़कें
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. इस साल यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई अहम तैयारियां की हैं. केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग 15 अप्रैल की शाम छह बजे से शुरू होगी. पहले इसकी तारीख 11 अप्रैल तय की गई थी लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें बदलाव करना पड़ा.

केदारनाथ हेली सेवा के पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए टिकट बुक किए जाएंगे. इस बार 90 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन और 10 प्रतिशत ऑफलाइन उपलब्ध होंगे. उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ आशीष चौहान ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही टिकट बुक करें, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके.

मानसून को देखते हुए क्या की गई है तैयारी?

इस समय भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुख्य मार्ग कई बार बाधित हो जाते हैं. इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने वैकल्पिक और सहायक सड़कों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है. ये सड़कें मुख्य मार्ग के बंद होने की स्थिति में यात्रियों के लिए राहत का काम करेंगी.

ऋषिकेश, श्रीनगर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे क्षेत्रों में कई सहायक मार्गों को दुरुस्त किया जा रहा है. इन सड़कों के जरिए यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं, भले ही मुख्य मार्ग बंद हो जाए. हालांकि इन रास्तों से यात्रा थोड़ी लंबी हो सकती है लेकिन इनमें रुकावट की संभावना कम रहती है.

लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने क्या कहा?

लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन सड़कों को यात्रा मार्ग के रूप में पूरी तरह विकसित किया जाए. कई सड़कों को ऑल वेदर रोड की तर्ज पर मजबूत बनाने का काम भी किया जा रहा है.

चार धाम यात्रा के लिए मुख्य सहायक सड़कें

  • ऋषिकेश–खाड़ी–गजा–देवप्रयाग मोटर मार्ग 
  • ऋषिकेश–चंबा–गडोलीया–मलेथा
  • गडोलीया–घनसाली–मयाली–तिलवाड़ा सड़क
  • ऋषिकेश–चंबा–नई टिहरी–B. पुरम-कोटेश्वर-टिपरी-देवप्रयाग (या लछमोली) सड़क

श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच

  • श्रीनगर-खिर्सू-खांखरा मार्ग
  • डुंगरीपंत-तिखल-खांखरा मार्ग
  • उत्तरकाशी से बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए
  • उत्तरकाशी-लंबगांव-सुनहरी गाड-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग
  • उत्तरकाशी-लंबगांव-कोटलगांव-चम्याला-घनसाली-तिलवाड़ा मार्ग

मयाली-बासुकेदार-गुप्तकाशी रोड

  • रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक
  • भैंसगांव-पोखरी मोटर मार्ग
  • विजयनगर-पथलीधार-बासुकेदार मोटर रोड
  • बांसवाड़ा-बस्ती-बासुकेदार रूट

गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए

  • नौगांव-पौंती-राजगढ़ी-राजतार मार्ग (धरासू-फूलचट्टी के माध्यम से)
  • दून-मसूरी-सुवाखोली-चंबा रूट
  • हरबर्टपुर-बारकोट मोड़, कुवा-कफनौल से राडी मोटर रोड