देहरादून: आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड भाजपा ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि पार्टी इस बार प्रदेश की सभी एससी आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज करेगी.
उन्होंने कहा कि भाजपा इन सीटों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करती रही है और अब सभी सीटों पर बड़े अंतर से जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.
महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा संगठन आरक्षित सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है. पार्टी कार्यकर्ता इन क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी देंगे. साथ ही सामाजिक समरसता और सौहार्द का संदेश भी जनता तक पहुंचाया जाएगा.
हल्द्वानी प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव में हार दिखाई देने के कारण कांग्रेस बौखलाई हुई है. उनके अनुसार कांग्रेस के पास कोई ठोस चुनावी मुद्दा नहीं है, इसलिए वह समाज को बांटने का प्रयास कर रही है.
भट्ट ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पार्टी पर देश के विभाजन की जिम्मेदारी रही, वह अब समाज में विभाजन का कथित प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के इस प्रयास का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी. भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देंगे.
इसी क्रम में भाजपा ने प्रदेश के सभी जिलों में समरसता-सौहार्द संकल्प धरना आयोजित करने का फैसला किया है. पार्टी का कहना है कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा.
महेंद्र भट्ट ने कर्नाटक में दर्ज एक रिपोर्ट को लेकर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि झूठी शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में भाजपा कार्यकर्ता और उनका नाम जोड़ना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का जवाब संवैधानिक तरीके से दिया जाएगा.
भट्ट ने आरोपों से जुड़े किसी मीडिया बयान या लिखित तथ्य की मौजूदगी पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जिस आयोजन को लेकर रिपोर्ट दर्ज की गई, उसमें भाजपा का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था. उन्होंने आश्चर्य जताया कि कर्नाटक में दर्ज रिपोर्ट में भाजपा कार्यकर्ता का उल्लेख किया गया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का एससी आरक्षित सीटों को लेकर यह दावा आगामी चुनाव में पार्टी की रणनीति का संकेत माना जा रहा है.