उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. टिकट बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व ने मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है. दिल्ली में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया गया कि मौजूदा विधायक अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहें और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी फोकस करें. हालांकि भाजपा ने यह भी साफ किया है कि केवल मौजूदा विधायक होना टिकट की गारंटी नहीं होगा. क्षेत्रीय सक्रियता, संगठन का फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट को प्रत्याशी चयन में अहम आधार बनाया जाएगा.
भाजपा ने मौजूदा विधायकों को चुनावी मैदान में अपना प्रदर्शन साबित करने का मौका दिया है. फिलहाल टिकट को लेकर किसी विधायक पर संकट नहीं बताया जा रहा है, लेकिन पार्टी ने उनकी राजनीतिक परीक्षा शुरू कर दी है. आने वाले महीनों में विधायकों की जनता के बीच पकड़, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल, क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने की क्षमता और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के काम का आकलन किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर अगर किसी विधायक के खिलाफ नाराजगी है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी संबंधित विधायक की होगी.
भाजपा की रणनीति सिर्फ अपनी मौजूदा सीटों को बचाने तक सीमित नहीं रहने वाली है. पार्टी उन विधानसभा क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देगी, जहां पिछले चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा कम अंतर से जीती गई सीटों को भी संगठन की कमजोर कड़ी माना जा रहा है. ऐसे क्षेत्रों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच पकड़ बढ़ाने की योजना पर काम किया जाएगा.
2027 के चुनाव में भाजपा युवा, महिला और सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थी वर्ग को रणनीति के केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है. पार्टी नेतृत्व ने रोजगार, विकास, पलायन और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जनता के साथ संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. संगठन की कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों तक सरकार के कामकाज की जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर भी भाजपा के भीतर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. जानकारी के मुताबिक प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से करीब 25 विधानसभा क्षेत्रों से मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव और आमंत्रण पत्र भेजा गया है. हालांकि इन प्रस्तावों के बीच पार्टी सूत्रों के मुताबिक चंपावत विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री के लिए ज्यादा पसंदीदा माना जा रहा है. मुख्यमंत्री वर्तमान में चंपावत से ही विधायक हैं.