अल्मोड़ा में भारी बारिश से हाहाकार, 14 सड़कें बंद, द्वाराहाट-चौखुटिया मार्ग 5 घंटे बाद खुला
जिले में गुरुवार सुबह तक बारिश का सिलसिला जारी रहा. सबसे ज्यादा बारिश रानीखेत में दर्ज की गई, जहां 92.3 मिलीमीटर पानी गिरा. शीतखेत में 91 मिलीमीटर, सल्ट में 89 मिलीमीटर, चौखुटिया और भिकियासैंण में 81.5 मिलीमीटर, जैती में 80 मिलीमीटर, द्वाराहाट में 71 मिलीमीटर और अल्मोड़ा शहर में 63 मिलीमीटर बारिश हुई.
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भूस्खलन के कारण 14 राज्य मार्ग और 4 ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं. प्रशासन और सड़क विभाग की टीमें मलबा हटाने के लिए लगातार काम कर रही हैं.
अल्मोड़ा में भारी बारिश से हाहाकार
जिले में गुरुवार सुबह तक बारिश का सिलसिला जारी रहा. सबसे ज्यादा बारिश रानीखेत में दर्ज की गई, जहां 92.3 मिलीमीटर पानी गिरा. शीतखेत में 91 मिलीमीटर, सल्ट में 89 मिलीमीटर, चौखुटिया और भिकियासैंण में 81.5 मिलीमीटर, जैती में 80 मिलीमीटर, द्वाराहाट में 71 मिलीमीटर और अल्मोड़ा शहर में 63 मिलीमीटर बारिश हुई. जागेश्वर, सोमेश्वर और बैस्याछाना में भी अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई.
बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. कई जगहों पर सड़कों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात ठप हो गया. राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पहले से ही बंद है और वहां मलबा हटाने का काम चल रहा है.
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द्वाराहाट-चौखुटिया सड़क पांच घंटे बाद खुली
द्वाराहाट-चौखुटिया मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिरने से सड़क बंद हो गई थी. स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने मिलकर पेड़ को काटा और मलबा हटाया. करीब पांच घंटे की मेहनत के बाद यह सड़क दोबारा खोल दी गई. इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी.
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं. कोसी और रामगंगा नदियों में पानी का स्तर बढ़ा है, लेकिन दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे ही बह रही हैं. कोसी बैराज का जलस्तर स्थिर है.
मौसम विभाग ने अल्मोड़ा जिले में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना बताई है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क ब्लॉकेज की आशंका बनी हुई है.