देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में जुलाई का महीना कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बनने जा रहा है. एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित कार्यकाल पूरा करने वाले प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं, वहीं उत्तराखंड में भी तीन प्रमुख संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं के नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने वाले हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट अपने अपने पदों पर सबसे लंबे कार्यकाल का नया अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहे हैं.
राज्य की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण दौर माना जा रहा है. यदि आने वाले महीनों में कोई बड़ा प्रशासनिक या राजनीतिक बदलाव नहीं होता, तो तीनों नेता अपने पूर्ववर्तियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नए मानक स्थापित करेंगे.
उत्तराखंड के वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सितंबर 2021 में पदभार संभाला था. अब उनका कार्यकाल राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने वालों में शीर्ष पर पहुंचने वाला है. इससे पहले यह रिकॉर्ड सुदर्शन अग्रवाल के नाम था, जिन्होंने करीब 57 महीने तक राज्यपाल के रूप में सेवाएं दी थीं. जुलाई 2026 में गुरमीत सिंह इस आंकड़े को पीछे छोड़ देंगे.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी. इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के बाद उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. दोनों कार्यकालों को मिलाकर उनका पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है. उत्तराखंड के गठन के बाद बहुत कम मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल लंबा खींच पाए हैं, ऐसे में धामी का यह रिकॉर्ड विशेष महत्व रखता है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी संगठन में नया इतिहास रचने की दहलीज पर हैं. राज्य गठन के बाद बने प्रदेश अध्यक्षों में उनका कार्यकाल सबसे लंबे कार्यकालों में शामिल हो चुका है. यदि वे अपने पद पर बने रहते हैं, तो आने वाले महीनों में वह भाजपा के सबसे लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहने वाले नेता बन सकते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीनों नेताओं का लंबा कार्यकाल उत्तराखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिरता का संकेत देता है. आने वाले समय में यह रिकॉर्ड राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में देखा जाएगा.