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उत्तराखंड में दो दिन आफत का मौसम, गरज-चमक के साथ पहाड़ों में भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

देवभूमि उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक मौसम के हाल बिगड़े रहेंगे. पहाड़ी जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट किया गया है. प्रदेश में तापमान गिरेगा, इसके लिए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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Kuldeep Sharma

देहरादून: मौसम विभाग ने देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के लिए दो दिनों का सख्त अलर्ट जारी किया है. साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से बारिश, बर्फबारी और आकाशीय बिजली की एक्टिविटी तेज होने की संभावना जताई है. उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में इसका असर ज्यादा होने की संभावना है. वहीं देहरादून और नैनीताल में भी हल्की बारिश हो सकती है. इस बदलाव से ताप गिरने और जनजीवन पर प्रभाव के संकेत दिए गए हैं.

पांच जिलों में यलो अलर्ट जारी

सोमवार को इन पांच जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. वहीं निचले और मध्यम इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने की लोगों को सलाह दी गई है. साथ ही प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील भी की है.

देहरादून और नैनीताल का हाल

मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक देहरादून और नैनीताल में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है. बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जबकि रातें ज्यादा ठंडी हो सकती हैं. वहीं मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, लेकिन अचानक बदलते हालात लोगों को परेशान कर सकते हैं. किसानों और यात्रियों को सतर्क की सलाह दी गई.

दो दिन रहेगा मौसम का असर

आईएमडी के अनुसार दो और तीन फरवरी को पर्वतीय जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की आशंका जताई गई है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण गरज-चमक, तेज हवा और बर्फबारी की स्थिति बन सकती है. चार फरवरी से छह फरवरी तक किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं है, हालांकि तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इस दौरान पहाड़ों में हल्की बूंदाबांदी भी देखी जा सकती है.

यातायात और सुरक्षा को लेकर चेतावनी

हालिया बारिश और बर्फबारी से ऊंचाई वाले मार्गों पर फिसलन बढ़ गई है. मौसम विभाग ने चेताया है कि कई सड़कों पर आवाजाही बाधित हो सकती है. बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने आपात सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा है. यात्रियों को पहाड़ों में सफर टालने को कहा गया.