रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड में अचानक बसों में लगी आग, 6 बसें जलकर हुईं खाक
रांची के कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड में रविवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग से छह खड़ी बसें पूरी तरह जल गईं. यात्रियों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई, जबकि बस मालिकों को भारी आर्थिक क्षति हुई.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब खादगढ़ा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में खड़ी बसों में अचानक आग लग गई. यह घटना इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते छह बसें पूरी तरह खाक हो गईं. स्टैंड पर मौजूद लोग, यात्री, हॉकर और एजेंट घबरा गए और चारों ओर अफरा-तफरी फैल गई. आग बुझाने में दमकल की कई गाड़ियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस हादसे से बस संचालकों को करोड़ों का नुकसान होने का अंदाजा है, जबकि कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है.
कैसे लगी भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सबसे पहले चंचल बस सर्विस की एक खड़ी बस में अचानक आग भड़क गई. लपटें तेजी से फैलीं और पास में खड़ी अन्य बसों तक पहुंच गईं. एक बस काफी समय से खराब हालत में थी, बाकी पांच चलने लायक थीं. आग इतनी तेज थी कि कोई कुछ समझ पाता, तब तक काफी नुकसान हो चुका था.
भगदड़ और राहत कार्य
आग की सूचना मिलते ही स्टैंड पर मौजूद सभी लोग दौड़ने लगे. संचालक, एजेंट और यात्री सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भागे. स्थानीय लोगों ने बाल्टी और उपलब्ध सामान से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. पुलिस और दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. कर्मचारियों की मेहनत से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बसें पूरी तरह नष्ट हो चुकी थीं.
कौन-कौन सी बसें हुईं शिकार
जलने वाली बसें 40 सीटों वाली थीं, जो रांची से सिमडेगा, जमशेदपुर, धनबाद जैसे इलाकों के लिए चलती थीं. इनमें एलडी मोटर्स, किरण ट्रेवल्स, झारखंड पर्यटन की दो बसें, शिवचरण ट्रेवल्स और चंचल बस सर्विस शामिल थीं. बस मालिकों का कहना है कि नुकसान लाखों-करोड़ों में है. कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है.
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
यह खादगढ़ा बस स्टैंड में आग की पहली घटना नहीं है. 2022 में मूनलाइट और कोहिनूर की बसें जली थीं, जबकि 2024 में निशान बस सर्विस की एक बस प्रभावित हुई थी. बार-बार ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रही हैं. पुलिस और प्रशासन जांच कर रहे हैं, जल्द कारण सामने आने की उम्मीद है.