कौन हैं बलूच की ये दो महिला, जो पाकिस्तान पर कहर बनकर टूटी', बर्थडे पर 'फिदायीन' बन पाक पर किया अटैक
पाकिस्तान पर बीएलए द्वारा लगातार हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों में कई लोग मारे गए, जिसमें कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. इसी बीच इस हमले के पीछे के दो चेहरे सामने आए हैं.
नई दिल्ली: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के शहरों और कस्बों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है. बीएलए ने इन हमलों की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए अपने दो हमलावरों की तस्वीरें जारी कर दी है. बीएलए द्वारा जारी की गई तस्वीर में दो महिलाएं नजर आ रही है, जिनमें एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में की गई है.
BLA द्वारा किए गए हमले इतने जबरदस्त थे कि किसी के भी रूह कांप जाए. इस हमले में 50 लोगों की जान गई, जिनमें कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे. लेकिन इन हमले के पीछे जिनका चेहरा है, उन्हें देख लोगों को अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि इतनी बड़े हमले के पीछे इन दो मासूमों का भी हाथ हो सकता है.
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का भी एक्शन शुरू
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा भी बीएलए के हमलों का जवाब दिया गया है. जिसमें लगभग 140 से भी ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है. बीएलए ने फोटो जारी करते हुए कहा कि इसमें एक मेंगल मोहम्मद इस्माइल की बेटी हैं. इनका जन्म 2002 में हुआ था और वह अपना 21 वां जन्मदिन मनाने के लिए BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी.
मेंगल ने जनवरी 2024 में 'फिदायीन' बनने का फैसला किया और शनिवार को नुश्की में ISI मुख्यालय को निशाना बनाने वाली वही थी. वहीं दूसरी महिला हमलावर की जानकारी सामने नहीं आ पाई है. हालांकि एक पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने सहयोगियों के साथ पाकिस्तानी सरकार का मजाक उड़ाती नजर आ रही है. जिसमें उन्हें कहते सुना गया कि पाकिस्तानी सरकार केवल दबी-कुचली औरतों पर अपनी ताकत दिखाते हैं, हमसे सीधा मुकाबला करने की उनकी हिम्मत नहीं है.
दशकों से चल रही हिंसा
पाकिस्तान का वो प्रांत जिसका हिस्सा अफगानिस्तान और ईरान से लगता है वहां हाल के कुछ वर्षों में काफी झड़प देखने को मिला है. पाकिस्तान के स्कूलों, बैंकों और अस्पतालों तक को निशाना बनाया गया है. वहीं बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने कहा कि नुश्की, हब, चमन, नसीराबाद, ग्वादर और मकरान सहित कई इलाकों से हमलों की खबरें मिली हैं. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इस तरह के ऑपरेशन की योजना बनाए जाने की जानकारी थी, इसीलिए वे जवाबी हमला कर पाए. बलूचिस्तान दशकों से विद्रोह का सामना कर रहा है क्योंकि अलगाववादी समूह आज़ादी और अपने प्राकृतिक संसाधनों में बड़े हिस्से की मांग करते हैं.