योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी मिलेगा मुफ्त इलाज, ग्रेटर नोएडा में बनेगा रोबोटिक्स पार्क

योगी कैबिनेट ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के 1.70 लाख गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सौगात दी है. साथ ही रोबोटिक्स पार्क, एक्सप्रेसवे और चार बड़ी कंपनियों के निवेश को मंजूरी मिली.

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Sagar Bhardwaj

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के गैर-शिक्षण कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दे दी है. इस योजना से करीब 1.70 लाख कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा, जिसमें माध्यमिक शिक्षा के 48 हजार और बेसिक शिक्षा के 1.22 लाख कर्मचारी शामिल हैं. अब ये कर्मचारी सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज करा सकेंगे.

ग्रेटर नोएडा में बनेगा 'प्रगति रोबोटिक्स पार्क'

तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में 69.52 एकड़ जमीन पर आधुनिक 'प्रगति रोबोटिक्स पार्क' बनाने का फैसला किया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना से एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इसके अलावा, इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हर साल लगभग 2,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा, जिससे उत्तर प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में और मजबूत होगा.

17,542 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेसवे

प्रदेश के सड़क और परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 17,542 करोड़ रुपये की लागत से चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है. इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. यूपीडा (UPEIDA) द्वारा ईपीसी मॉडल पर बनाए जाने वाले इन एक्सप्रेसवे का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है.


चार बड़ी कंपनियों के निवेश और साइबर सुरक्षा केंद्र को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024' के तहत चार दिग्गज कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है, जिसमें हैवेल्स इंडिया, एलजी सॉफ्ट इंडिया, अमेरिप्राइज इंडिया और मेटलाइफ ग्लोबल शामिल हैं. इसके साथ ही, राज्य में डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए 104.28 करोड़ रुपये की लागत से 'साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन्स सेंटर' बनाने का भी फैसला किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर के सी3आईहब को सौंपी जाएगी.