डॉक्टर ने ही चुरा ली अल्ट्रासाउंड मशीन, 46 लाख का समान बरामद; बस्ती में खुला हैरान करने वाला राज

बस्ती में पुलिस ने मेडिकल उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में विपिन पांडेय नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद अस्पताल संचालक है.

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Km Jaya

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से मेडिकल उपकरणों की चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कप्तानगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने अंतरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान विपिन पांडेय के रूप में हुई है, जो खुद एक अस्पताल का संचालन करता है. पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 46 लाख रुपये कीमत की दो अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की वैगनआर कार बरामद की है.

पुलिस के मुताबिक मामला 23 सितंबर की रात का है. कप्तानगंज कस्बे में स्थित सत्या पैथोलॉजी का ताला तोड़कर चोर अल्ट्रासाउंड मशीन, लैपटॉप, तकनीकी उपकरण और नकदी लेकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए कप्तानगंज थाना पुलिस के साथ सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया.

पुलिस को आरोपी के बारे में मिले अहम सुराग 

तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपी के बारे में अहम सुराग मिले. इसके बाद पुलिस ने बिहरा मोड़ के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे विपिन पांडेय को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर दो अल्ट्रासाउंड मशीनें बरामद की गईं. इनमें एक मशीन बस्ती के कप्तानगंज से चोरी की गई थी, जबकि दूसरी मशीन लखनऊ के नखास क्षेत्र से चोरी होने की बात सामने आई है.


पुलिस के अनुसार, बस्ती से बरामद अल्ट्रासाउंड मशीन की कीमत करीब 8 लाख रुपये है, जबकि लखनऊ से बरामद दूसरी मशीन करीब 38 लाख रुपये की बताई गई है. इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट वाली वैगनआर कार भी पुलिस ने बरामद की है.

जांच में क्या आया सामने

जांच में सामने आया कि विपिन पांडेय ने बी-फार्मा की पढ़ाई की है और वह विक्रमजोत क्षेत्र में अस्पताल चलाता है. पुलिस का आरोप है कि मेडिकल क्षेत्र की जानकारी होने के कारण वह महंगे चिकित्सीय उपकरणों को निशाना बनाने वाले गिरोह से जुड़ा था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की मशीनों को कहां और किसे बेचने की योजना थी.

क्षेत्राधिकारी बृजेश सिंह ने क्या बताया?

क्षेत्राधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि 23 सितंबर को कप्तानगंज की सत्या पैथोलॉजी में चोरी हुई थी. इसके अलावा 16 अक्टूबर को लखनऊ के नखास थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी. विशेष अभियान के तहत कप्तानगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया.

पुलिस के मुताबिक इस मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी के मेडिकल उपकरणों की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए की जाती थी.