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उत्तर प्रदेश सरकार दे रही घर बैठे कमाई का मौका! मुफ्त में ट्रेनिंग की सुविधा भी

उत्तर प्रदेश सरकार की होम स्टे योजना से लोग घर बैठे कमाई कर सकेंगे. खाली कमरों को रजिस्टर कर पर्यटकों को ठहराने का मौका मिलेगा, साथ ही स्टाफ को मुफ्त ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
उत्तर प्रदेश सरकार दे रही घर बैठे कमाई का मौका! मुफ्त में ट्रेनिंग की सुविधा भी
Courtesy: pinterest

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने रोजगार बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए नई पहल शुरू की है. इस योजना के तहत आम लोग अपने घर के खाली कमरों को होम स्टे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें न सिर्फ पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर स्टाफ को मुफ्त प्रशिक्षण भी मिलेगा. इस पहल से खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आय का नया जरिया मिलने की उम्मीद है.

होम स्टे योजना से बढ़ेगा रोजगार

इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने घर के एक से छह खाली कमरों को होम स्टे के रूप में रजिस्टर करा सकता है. इसका मकसद स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है. इससे पर्यटकों को होटल के अलावा सस्ती और घरेलू सुविधा मिलेगी, जबकि मकान मालिकों को अतिरिक्त आय का जरिया मिलेगा. कई लोगों ने इस योजना में रुचि दिखाते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

नियम और शर्तें स्पष्ट

अधिकारियों के अनुसार, यह होम स्टे पूरी तरह कमर्शियल श्रेणी में नहीं आएगा. मकान मालिकों को पहले की तरह ही गृहकर और बिजली बिल देना होगा, कोई अतिरिक्त कर नहीं लगेगा. केवल एक से छह कमरों वाले ही आवेदन कर सकते हैं. इससे अधिक कमरे होने पर वह होटल की श्रेणी में आएगा. साथ ही होम स्टे का नाम होटल जैसा नहीं रखा जा सकता.

ऑनलाइन आवेदन और जांच प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज और मकान की तस्वीरें अपलोड करनी होंगी. इसके बाद जिला स्तर की समिति निरीक्षण करेगी और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही पंजीकरण को मंजूरी दी जाएगी. सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना और दमकल विभाग से एनओसी लेना भी अनिवार्य होगा.

मुफ्त ट्रेनिंग और श्रेणियां तय

होम स्टे को गोल्ड, सिल्वर और ग्रामीण श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी फीस क्रमशः 3000, 2000 और 100 रुपये तय की गई है. यदि कोई मालिक अपने यहां स्टाफ रखना चाहता है, तो कांशीराम पर्यटन संस्थान में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी और पर्यटकों का अनुभव भी अच्छा बनेगा.