उन्नाव से कानपुर तक विकास और खेती को मिली नई रफ्तार, आज 570 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे CM योगी
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्नाव और कानपुर आज विकास तथा कृषि समृद्धि के नए अध्याय के साक्षी बनेंगे. उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और किसानों के सम्मान से जुड़ी ये पहलें ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को और मजबूती प्रदान करेंगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश के विकास और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने जा रहे हैं. एक ओर उन्नाव में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा, वहीं दूसरी ओर कानपुर में किसानों के साथ संवाद कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा. मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विस्तार और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्नाव और कानपुर आज विकास तथा कृषि समृद्धि के नए अध्याय के साक्षी बनेंगे. उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और किसानों के सम्मान से जुड़ी ये पहलें ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को और मजबूती प्रदान करेंगी.
उन्नाव को मिलेगी विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात
उन्नाव दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 570 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना, नागरिक सेवाओं का विस्तार करना और स्थानीय विकास को गति देना है. माना जा रहा है कि इन योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
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कानपुर में किसानों से करेंगे सीधा संवाद
उन्नाव के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री कानपुर पहुंचेंगे, जहां वे ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला 2026’ में भाग लेंगे. इस कार्यक्रम में प्रदेश के किसानों से संवाद किया जाएगा और उन्हें प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करने के साथ साथ पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
उत्कृष्ट अन्नदाताओं का होगा सम्मान
कार्यशाला के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा. यह पहल किसानों को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है. सरकार का मानना है कि किसानों की भागीदारी और सम्मान से कृषि विकास को नई गति मिलेगी.