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क्या 'जेन-जी' लाएंगे यूपी पर्यटन में क्रांति? उत्तर प्रदेश की 'विजिट माय स्टेट' पहल का हुआ आगाज

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने 'विजिट माय स्टेट' अभियान की शुरुआत की है, जिसके जरिए युवा 60 सेकंड की रील्स बनाकर अपने शहर की संस्कृति, खान-पान और अनकहे पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने पेश करेंगे .

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Sushil Tiwari
Reported By: Sushil Tiwari
क्या 'जेन-जी' लाएंगे यूपी पर्यटन में क्रांति? उत्तर प्रदेश की 'विजिट माय स्टेट' पहल का हुआ आगाज
Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान की शुरुआत की है. डिजिटल दौर में 'जेन-जी' की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके अपने शहरों का सांस्कृतिक प्रतिनिधि बनाना है. इसके तहत युवा अपने शहर की अनकही कहानियों और स्थानीय पहचान को महज 60 सेकंड की रील के जरिए दुनिया के सामने लाएंगे .

स्थानीय अनुभवों से पहचान की नई कोशिश  

इस पहल के जरिए प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, खान-पान, सदियों पुरानी परंपराओं और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को उजागर किया जाएगा. उत्तर प्रदेश पर्यटन की योजना है कि राज्य की खूबसूरती को उन स्थानीय निवासियों के नजरिए से दिखाया जाए जो इसे सबसे बेहतर समझते हैं. तस्वीरों और सूचनाओं से इतर, लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों और आवाज के जरिए प्रदेश की असली तस्वीर पेश की जाएगी.

रील्स के जरिए पर्यटन को नए पंख  

आज के समय में युवा यात्रा की योजना बनाने से पहले छोटे वीडियो और कंटेंट क्रिएटर्स के अनुभवों पर भरोसा करते हैं. युवाओं के इसी रुझान को देखते हुए यूपी पर्यटन ने रील्स के माध्यम से प्रचार करने का निर्णय लिया है. इस कदम से न केवल लोकप्रिय स्थानों को एक नया दृष्टिकोण मिलेगा, बल्कि कम चर्चित पर्यटन स्थलों तक भी व्यापक दर्शकों की पहुंच संभव हो सकेगी.

सांस्कृतिक दूत के रूप में युवा वर्ग  

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले और गांव की अपनी अनूठी पहचान है. स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और त्योहार राज्य की धरोहर को जीवंत बनाते हैं. 'विजिट माय स्टेट' अभियान के माध्यम से युवा अपनी आवाज में अपने शहर की विशेषताएं बताकर 'कल्चरल एम्बेसडर' की भूमिका निभाएंगे, जिससे पर्यटकों को प्रदेश को नए नजरिए से समझने का मौका मिलेगा.

रील बनाने की आसान शर्तें  

प्रतिभागियों को 60 सेकंड की रील में स्वयं कैमरे के सामने आकर अपने अंदाज में कहानी सुनानी होगी. वीडियो में चेहरा और आवाज स्पष्ट होनी चाहिए तथा शूटिंग किसी प्रमुख खुले स्थान पर होनी अनिवार्य है. प्रतिभागी हिंदी या अंग्रेजी में रील बना सकते हैं, और वीडियो के अंत में 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' कहना अनिवार्य होगा.

प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां इस ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से भेज सकते हैं:

समग्र यात्रा अनुभव का निर्माण  

अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात के अनुसार, यह प्रयास प्रसिद्ध और कम चर्चित दोनों तरह के स्थलों को नई पहचान देगा. ब्रज, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई जैसे क्षेत्रों की छोटी-छोटी कहानियां मिलकर उत्तर प्रदेश की आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और हस्तशिल्प की विविधता को विश्व पटल पर एक समृद्ध यात्रा अनुभव के रूप में प्रस्तुत करेंगी.