डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत समय बाद ईरान पर एक बार फिर धावा बोला हैं. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक बयान जारी कर पूरे विश्व में हलचल मचा दी. इस ट्टीट में उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना कमजोर हो चुकी हैंं. देश की मुद्रा की स्थिति खराब है और सैनिकों और पुलिसकर्मियों को भुगतान नहीं किया जा रहा. ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर देश को सही तरीके से चलाने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया.
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि "ईरान आधिकारिक तौर पर एक 'फेल हो चुका देश' (Failed Nation) है. यह खत्म हो चुका है! उनके पास न तो नेवी है, न एयर फ़ोर्स और न ही कोई करेंसी. वे अपने सैनिकों या पुलिस को पैसे नहीं दे पा रहे हैं, महंगाई 300% पर है, और उनका नेतृत्व पूरी तरह से बिखरा हुआ है और देश का ठीक से प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ है. उनके पास बस USA के बारे में 'फेक न्यूज' है, अपने प्रदर्शनकारियों को मारने की इच्छा है (अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. उन पर मानवता के खिलाफ युद्ध अपराध का मुक़दमा चलना चाहिए!) और 'बकवास' (bullshit) करने की आदत है. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!"
ट्रंप ने ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों की स्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि एक लाख से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और इसके लिए ईरानी नेतृत्व पर मानवता के खिलाफ अपराध का मुकदमा चलाया जाना चाहिए. उन्होंने ईरान की सरकार पर प्रदर्शनकारियों को मारने का आरोप लगाया. ट्रंप ने साथ ही ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और देश का सही प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ बताया.
अपने बयान के अंत में ट्रंप ने ईरान की ओर से दी जाने वाली सूचनाओं को भी निशाना बनाया. उन्होंने इसे अमेरिकी जनता के लिए “Fake News” बताया और ईरानी नेतृत्व पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. ट्रंप का यह बयान ईरान के खिलाफ उनके सख्त रुख को दिखाता है.