उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लक्ष्य के साथ 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण की शुरुआत करने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स अकाउंट पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि जुलाई का पहला दिन केवल नए महीने की शुरुआत नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का अवसर भी है. उन्होंने सभी से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है. सरकार चाहती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर विद्यार्थी को बेहतर सीखने का अवसर मिले.
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 29, 2026
जुलाई नवीन माह का आरंभ ही नहीं, अपितु लाखों बच्चों के सपनों को विद्यालय तक पहुंचाने के नए संकल्प का समय है। उत्तर प्रदेश में 01 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू हो रहा है।
प्रिय गुरुजनों, आप सुनिश्चित करें कि बच्चे स्कूल को दैनिक रूटीन… pic.twitter.com/SQyRWv5WZS
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के भीतर विद्यालय के प्रति उत्साह पैदा करें. उन्होंने सुझाव दिया कि खेल कूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाई जा सकती है. उनका मानना है कि स्कूल बच्चों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की क्षमता का आकलन केवल परीक्षा के अंकों से न करें. उन्होंने कहा कि बच्चों की मेहनत, आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने नियमित रूप से बच्चों को स्कूल भेजने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया.
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि 'स्कूल चलो अभियान' केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी नागरिकों से इसे जनआंदोलन का रूप देने की अपील की, ताकि शिक्षा का लाभ हर बच्चे तक पहुंच सके.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि जब प्रदेश का प्रत्येक बच्चा शिक्षा से जुड़ेगा, तभी उत्तर प्रदेश का भविष्य और अधिक मजबूत तथा उज्ज्वल बनेगा. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही आने वाली पीढ़ी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है.