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UP Police में बड़े बदलाव की तैयारी, इस महीने 10 IPS अधिकारियों की होगी विदाई; प्रशासनिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज

उत्तर प्रदेश पुलिस में अगस्त के दौरान 10 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. इनमें डीजी फायर, डीआईजी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं. रिटायरमेंट के बाद विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है.

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Babli Rautela

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अगस्त महीने के दौरान बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इसकी वजह यह है कि विभाग के 10 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इसी महीने अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. इन अधिकारियों के रिटायर होने के बाद कई अहम पद खाली होंगे, जिन पर नई नियुक्तियां और तबादले किए जाने की संभावना है. इस महीने सेवानिवृत्त होने वाले प्रमुख अधिकारियों में डीजी फायर मुथा अशोक जैन, भारत सरकार के बीपीआरडी में तैनात रवि जोसेफ लक्कू और सीआईडी में तैनात डॉ. अखिलेश कुमार निगम शामिल हैं. इनके अलावा कई महत्वपूर्ण इकाइयों में तैनात वरिष्ठ अधिकारी भी इसी माह रिटायर होंगे.

डीआईजी और डीसीपी स्तर के अधिकारी भी सूची में

रिटायर होने वाले अधिकारियों में यूपी-112 के डीआईजी राशिद खान, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (डीआईजी) आलोक प्रियदर्शी और पीएसी मुख्यालय की डीआईजी सुनीता सिंह भी शामिल हैं. वहीं, लखनऊ कमिश्नरेट के डीसीपी कमलेश कुमार दीक्षित, ईओडब्ल्यू के एसपी अरविंद मिश्रा, ट्रेनिंग मुख्यालय के एसपी हरी गोविंद और 49वीं वाहिनी पीएसी के एसपी राम नयन सिंह भी इसी महीने सेवा से विदा लेंगे.

एक साथ इतने वरिष्ठ अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना है. खाली होने वाले पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती और कई जिलों व इकाइयों में तबादले किए जा सकते हैं. पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू होने की चर्चा है.


मेरठ में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़

इसी बीच मेरठ पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए लोगों से रंगदारी और ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में राहुल पाल और आकाश नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को पुलिसकर्मी या वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को कार्रवाई का डर दिखाते थे. ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने एक व्यक्ति से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी और उसके खाते से 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा लिए. फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.