नोएडा: यूपी के नोएडा में न्यूनतम वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी मजदूरों का आंदोलन हिंसक हमले में बदल गया है. महिला कर्मियों के साथ कथित मारपीट के बाद भड़के आक्रोश ने आगजनी और पथराव का रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में प्रशासनिक नियम और व्यवस्था ध्वस्त नजर आई.
दिल्ली-NCR के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नोएडा के फेज-2 इलाके में पिछले तीन दिनों से सुलग रही चिंगारी सोमवार को भीषण ज्वाला बन गई. कम वेतन से त्रस्त मजदूर बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-1, सेक्टर-60 और सेक्टर-84 जैसे व्यस्त मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया. हालात तब बिगड़े जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद गुस्साए मजदूरों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और भारी पथराव शुरू कर दिया. इस हंगामे के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त रहा.
आंदोलन की मुख्य वजह कमरतोड़ महंगाई और बेहद कम मानदेय है. प्रदर्शन में शामिल महिला मजदूरों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान उनके साथ मारपीट की गई. 'मदरसन' कंपनी में काम करने वाली एक महिला मजदूर ने रोते हुए कहा, 'महंगाई के इस दौर में गैस सिलेंडर और सब्जियां खरीदना दूभर है. जब हमने हक मांगा, तो पुलिस ने हमारे पैरों पर लाठियां मारीं.' मजदूरों की साफ मांग है कि उनकी मासिक सैलरी 13,000 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 20,000 रुपये की जाए, तभी वे इस शहर में जीवित रह पाएंगे.
प्रदर्शन में शामिल मंजू देवी जैसी हजारों महिलाओं की कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है. 12-12 घंटे फैक्ट्रियों में पसीना बहाने के बाद भी उन्हें मात्र 13,000 रुपये हाथ आते हैं. मजदूरों का कहना है कि कंपनियां सालाना महज 200-300 रुपये का इंक्रीमेंट देती हैं, जबकि मकान मालिक हर साल किराए में 500 रुपये तक का इजाफा कर देते हैं. ऐसे में 4 बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाना एक असंभव चुनौती बन गया है. मजदूरों ने सरकार से सवाल किया कि आखिर वेतन वृद्धि का वादा अब तक कागजों से बाहर क्यों नहीं आया?
#WATCH | Laxmi, one of the protesters, says, "I work at Motherson. They are paying us less salary. We want more. When we staged a sit-in protest, they beat us up with no fault of ours. Cylinders, vegetables and everything are expensive...We were beaten up when we protested today.… https://t.co/Vrlihfk4bT pic.twitter.com/Bv4h86o0cp
— ANI (@ANI) April 13, 2026
इस भारी विरोध और अपराध जैसी स्थितियों के बीच आम राहगीर भी घंटों फंसे रहे. सेक्टर-62 में फंसे यात्रियों ने बताया कि सड़कों पर जलती गाड़ियां और चारों तरफ से हो रही पत्थरबाजी ने माहौल को बेहद असुरक्षित बना दिया था.
वही इस घटना ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मजदूरों के साथ घोर अन्याय हो रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि जब पड़ोसी राज्यों में वेतन बढ़ सकता है, तो यूपी में क्यों नहीं? फिलहाल, प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मजदूरों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है.
#WATCH Amethi, Uttar Pradesh: On violent protest by employees of a company in Noida Phase 2, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, "Injustice has reached its peak under the BJP government. All kinds of injustice are happening. Injustice is happening economically. Injustice… pic.twitter.com/fyTCdSyUWR
— ANI (@ANI) April 13, 2026