लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान लगी प्रदर्शनी में भारत में विकसित रक्षा उपकरणों की झलक देखने को मिली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदर्शनी का दौरा किया और कंपनियों के उत्पादों तथा तकनीकी क्षमताओं की जानकारी ली. इस दौरान रक्षा क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों ने ड्रोन तकनीक से लेकर सैनिकों की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए.
होवेरिट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिव्यास्त्र एमके-1 प्रदर्शित किया गया. कंपनी के फ्लाइट टेस्टिंग इंजीनियर लारिब ने बताया कि यह एक आत्मघाती ड्रोन मंच है, जिसे निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए विकसित किया गया है. प्रदर्शनी में इसके जरिए देश में विकसित रक्षा तकनीक की क्षमता दिखाई गई. कंपनी के अनुसार इसका एमके-3 संस्करण जेट इंजन से संचालित होगा.
कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि दिव्यास्त्र का नया एमके-3 संस्करण पहले ही चर्चा में है. इस संस्करण में जेट इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके परीक्षण कानपुर में किए जा चुके हैं. प्रदर्शनी में इस तकनीक को रक्षा क्षेत्र में देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमता के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया. इससे रक्षा जरूरतों के लिए देश में विकसित प्रणालियों पर बढ़ते जोर की तस्वीर भी सामने आई.
प्रदर्शनी में सैनिकों की सुरक्षा से जुड़े उपकरणों ने भी लोगों का ध्यान खींचा. एमकेयू लिमिटेड ने बैलेस्टिक हेलमेट और बैलेस्टिक जैकेट के साथ नाइट विजन बाइनोक्युलर तथा थर्मल वेपन साइट प्रदर्शित किए. कंपनी लंबे समय से रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी है. प्रदर्शनी में उसके उत्पादों ने सैनिकों के लिए सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी आधुनिक जरूरतों की झलक दिखाई.
एमकेयू लिमिटेड का रक्षा क्षेत्र से जुड़ाव कई दशक पुराना है. कंपनी ने कारगिल युद्ध के दौरान सेना के लिए जूतों की आपूर्ति की थी. इसके बाद उसने बैलेस्टिक हेलमेट और जैकेट के निर्माण के क्षेत्र में विस्तार किया. अब कंपनी भारत में सुरक्षा उपकरण तैयार कर रही है. प्रदर्शनी में उसकी मौजूदगी ने देश में रक्षा उत्पादन और स्वदेशी निर्माण की बढ़ती भूमिका को सामने रखा.