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यूपी में अब गांव वाले खुद संभालेंगे पानी की व्यवस्था, ‘जल महोत्सव’ की शुरुआत करेंगे स्वतंत्र देव सिंह

8 मार्च से पूरे प्रदेश में “जल महोत्सव” कार्यक्रम की शुरुआत होगी. यह कार्यक्रम 22 मार्च तक चलेगा और उन सभी गांवों में आयोजित किया जाएगा जहां पाइप के जरिए हर घर तक पानी पहुंच चुका है.

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Sagar Bhardwaj

उत्तर प्रदेश में हर घर तक नल से पानी पहुंचाने की योजना को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार एक नई पहल शुरू करने जा रही है. 8 मार्च से पूरे प्रदेश में “जल महोत्सव” कार्यक्रम की शुरुआत होगी. यह कार्यक्रम 22 मार्च तक चलेगा और उन सभी गांवों में आयोजित किया जाएगा जहां पाइप के जरिए हर घर तक पानी पहुंच चुका है. इस अभियान की शुरुआत जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र के हुसैनाबाद दुल्हापुर ग्राम पंचायत से करेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों में पानी की व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों को इसकी जिम्मेदारी देना है.

ग्राम पंचायत संभालेगी जलापूर्ति व्यवस्था

कार्यक्रम के दौरान जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों तक पानी की सप्लाई पहुंच चुकी है, वहां पानी की पूरी व्यवस्था अब गांव के लोगों को सौंपी जाएगी. इन गांवों को “जल अर्पण गांव” के रूप में विकसित किया जाएगा. पानी की आपूर्ति और देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के पास होगी और इसका नेतृत्व गांव के प्रधान करेंगे. इससे गांव के लोग खुद अपने इलाके की जल व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल सकेंगे.

22 हजार से ज्यादा गांवों में होगा कार्यक्रम

राज्य सरकार के मुताबिक प्रदेश में 22 हजार से ज्यादा गांव ऐसे हैं जहां हर घर तक पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है. इन सभी गांवों में 8 मार्च से 22 मार्च तक जल महोत्सव मनाया जाएगा. इस दौरान गांवों में लोगों को पानी के सही उपयोग, संरक्षण और व्यवस्था के बारे में भी जागरूक किया जाएगा. सरकार का मानना है कि जब ग्रामीण खुद इस व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे तो पानी की सप्लाई लंबे समय तक बेहतर बनी रहेगी.

10 साल तक एजेंसी रखेगी निगरानी

सरकार की जल जीवन मिशन योजना का मॉडल लंबे समय तक चलने वाला है. जिन एजेंसियों ने गांवों में पानी की पाइपलाइन और अन्य व्यवस्थाएं बनाई हैं, वे अगले 10 साल तक इसकी निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगी. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गांवों में नल से लगातार साफ और सुरक्षित पानी मिलता रहे. अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण इलाकों में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी.