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मछली पालकों को यूपी सरकार देगी बड़ा अनुदान, 18 लाभार्थियों की लिस्ट तैयार; जानें किसे और कैसे मिलेगा योजना का लाभ

बहराइच में सघन मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 18 पात्र मत्स्य पालकों का चयन किया है.

AI
Ashutosh Rai

बहराइच में मत्स्य पालन को नई रफ्तार देने के लिए जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सघन मत्स्य पालन योजना के लाभार्थियों का चयन कर लिया है. योजना के तहत पात्र मत्स्य पालकों को सरकारी अनुदान मिलेगा, जिससे उत्पादन बढ़ाने और आय में सुधार का रास्ता खुलेगा.

18 मत्स्य पालकों का चयन

विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सघन मत्स्य पालन योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई और पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया. प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य बाबूराम ने बताया कि विभागीय पोर्टल पर 8 जून से 28 जून तक आवेदन लिए गए थे. इस दौरान 19 लोगों ने 23 यूनिट के लिए आवेदन किया था. जांच के बाद 18 यूनिट पात्र पाए गए, जिन्हें योजना का लाभ देने की मंजूरी दी गई. चयन प्रक्रिया में निजी और पट्टे पर तालाब संचालित करने वाले सक्रिय मत्स्य पालकों को प्राथमिकता दी गई.

योजना से बढ़ेगा उत्पादन और किसानों की कमाई

मत्स्य विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर का तालाब है. अगर तालाब पट्टे पर है तो उसकी शेष अवधि कम से कम पांच वर्ष होना जरूरी है. चयनित लाभार्थियों के तालाबों में एयरेशन सिस्टम लगाया जाएगा. इससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और जल की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी. विभाग का कहना है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से तालाब में मछलियों का विकास तेजी से होगा और उत्पादन बढ़कर चार से पांच टन तक पहुंच सकता है. इससे मत्स्य पालकों की आमदनी में भी अच्छा इजाफा होने की उम्मीद है.


पारदर्शी तरीके से मिलेगा अनुदान

मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित लाभार्थियों को पूरी पारदर्शिता के साथ योजना का लाभ दिया जाए. उन्होंने कहा कि सभी अनुदान सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे. इससे प्रक्रिया आसान होगी और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी. बैठक में मत्स्य निरीक्षक दीपक मिश्र सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से जिले में आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे.