यूपी में बाढ़ से जंग जारी, 16,784 लोगों का रेस्क्यू; 23 जिलों में राहत अभियान तेज
उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि भोजन, दवाइयों और स्वास्थ्य सामग्री का बड़े स्तर पर वितरण किया गया.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की रफ्तार तेज कर दी है. प्रभावित इलाकों में प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी सामग्री उपलब्ध करा रहा है. राहत आयुक्त के अनुसार प्रदेश के 35 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं, जबकि 23 जिलों में अभी भी इसका असर बना हुआ है. संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों तक तुरंत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर समेत 23 जिलों में राहत अभियान चल रहा है. हरदोई, लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं. जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जाए.
16,784 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. बुधवार को ही 3,042 लोगों का रेस्क्यू किया गया. जलमग्न गांवों और इलाकों तक पहुंचने के लिए 1,499 नावों और मोटरबोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. इनके जरिए लोगों को निकालने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है.
Also Read
भोजन पहुंचाने को दी गई प्राथमिकता
बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने भोजन की उपलब्धता सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है. प्रशासन ने राहत अभियान में खाद्य सामग्री को प्राथमिकता दी है. अब तक प्रभावित लोगों के बीच 68,953 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए हैं. इसके अलावा 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट भी बांटे जा चुके हैं. प्रशासन का कहना है कि जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य सामग्री का वितरण लगातार जारी रखा जा रहा है.
संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य अभियान
बाढ़ के बाद दूषित पानी और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अब तक 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में 1,067 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं. लोगों के लिए 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए, जिनमें से 201 फिलहाल संचालित हो रहे हैं.
पशुधन और क्षतिग्रस्त मकानों पर भी नजर
राहत अभियान में प्रभावित परिवारों के साथ पशुधन और संपत्ति के नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है. अब तक 36,287 पशु बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं और उनके लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का काम जारी है. वहीं, मकान क्षतिग्रस्त होने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा चुकी है. सरकार राहत, बचाव और नुकसान के आकलन का काम एक साथ आगे बढ़ा रही है.