गुजरात में नकली दवाओं पर बड़ा प्रहार! 50 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 2 यूनिट बंद

गुजरात में नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए FDCA ने 50 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए हैं. दो विनिर्माण इकाइयों को बंद करने के आदेश भी जारी किए गए.

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Kuldeep Sharma

गुजरात सरकार ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली दवा कंपनियों पर सख्ती बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसरेरिया ने FDCA की समीक्षा बैठक में नकली और गैरकानूनी दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए. कार्रवाई के तहत कई कंपनियों के लाइसेंस रद्द और निलंबित किए गए हैं.

50 दवा कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई

गुजरात फूड एंड ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने जांच के बाद 50 फार्मा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. इसके अलावा दो दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने के आदेश जारी किए गए. आठ विनिर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 11 दवाओं के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसरेरिया ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि नकली या अवैध दवाओं के जरिए लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए.

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ग्रामीण इलाकों में एंटीबायोटिक की जांच

FDCA ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिकने वाली एंटीबायोटिक दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान भी चलाया. इस दौरान अलग-अलग स्थानों से 588 नमूने एकत्र किए गए. इन नमूनों की जांच का मकसद यह पता लगाना है कि बाजार में उपलब्ध दवाएं निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं. सरकार का जोर इस बात पर है कि खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लोगों को ऐसी दवाएं न मिलें, जिनकी गुणवत्ता या वैधता पर सवाल हो.

अगस्त में खाद्य कारोबारियों की भी जांच

दवाओं के साथ-साथ गुजरात सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी निगरानी बढ़ाई है. अगस्त 2026 में राज्यभर में 2,238 से अधिक खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य वस्तुओं के 2,591 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनता को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. FSSAI-2006 के नियमों के तहत अचानक निरीक्षण और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

त्योहारों में दूध-घी और मसालों पर नजर

त्योहारी मौसम को देखते हुए खाद्य पदार्थों की जांच को और गंभीर बनाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को दूध, घी, खाद्य तेल और मसालों जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है. सरकार का मानना है कि त्योहारों के दौरान इन उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ सकती है. इसी वजह से अधिकारियों को नियमित निगरानी, नमूने लेने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.