GDP पर सवाल उठाने वालों पर पीयूष गोयल का हमला, बोले- मंत्री नहीं बनाते आंकड़े
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने GDP के ताजा आंकड़ों पर सवाल उठाने वालों को घेरा. उन्होंने 7.8 प्रतिशत विकास दर को तथ्य बताया और कहा कि अलग आधार वर्ष वाले आंकड़ों की तुलना कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है.
नई दिल्ली: भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष और आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले विशेषज्ञों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भारत को कमजोर या मृत अर्थव्यवस्था के रूप में पेश करने की कोशिश करने वाले सफल नहीं होंगे. गोयल ने सरकार की ओर से जारी GDP आंकड़ों का बचाव करते हुए कहा कि आर्थिक आंकड़े मंत्री या राजनेता तैयार नहीं करते, बल्कि निर्धारित सांख्यिकीय प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं.
पीयूष गोयल ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि को भारत की आर्थिक मजबूती का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि आलोचक विकास दर के अलग-अलग आंकड़ों की तुलना करते समय उनके आधार वर्ष का अंतर नजरअंदाज कर रहे हैं. गोयल के अनुसार, पुरानी और नई सीरीज की सीधी तुलना करना भ्रामक निष्कर्ष दे सकता है. उन्होंने कहा कि जनता के सामने आर्थिक तस्वीर को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है.
आलोचकों पर साधा तीखा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी नेताओं और कुछ पूर्व अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पर हमला करने के प्रयास में वे आर्थिक आंकड़ों को गलत संदर्भ में पेश कर रहे हैं. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि समान चीजों की तुलना करना जरूरी है और अलग आधार वर्ष वाली सीरीज को एक जैसा मानना सही नहीं है. गोयल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा को लेकर नकारात्मक तस्वीर बनाने वालों को बार-बार निराशा ही हाथ लगेगी.
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पूर्व वित्त सचिव के दावे से शुरू हुआ विवाद
GDP के आंकड़ों पर बहस पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के बयान के बाद तेज हुई. उनका तर्क था कि पिछले साल के GDP आंकड़ों में कमी नहीं की गई होती तो मौजूदा कीमतों पर विकास दर लगभग 2.6 प्रतिशत के आसपास रहती. इसी दावे के बाद आर्थिक आंकड़ों की गणना और अलग-अलग सीरीज की तुलना को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस शुरू हुई. सरकार की ओर से पीयूष गोयल ने इस आलोचना का जवाब दिया.
पहली तिमाही में GDP और GVA में बढ़त
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई. पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये थी. इसी दौरान नॉमिनल GDP में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 88.27 लाख करोड़ रुपये रही. वास्तविक GVA भी 8.2 प्रतिशत बढ़कर 73.82 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
RBI का अनुमान और आगे की तस्वीर
भारतीय रिजर्व बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. अब आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार पर नजर अगली तिमाही के आंकड़ों से भी रहेगी. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के GDP आंकड़े 30 नवंबर 2026 को जारी किए जाने हैं. पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति आगे भी जारी रहेगी.