Rakshabandhan 2026

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को मिला बड़ा तोहफा, वेतन में बढ़ोत्तरी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन में बढ़ोतरी कर दी गई है. अब उन्हें सरकारी आवास, वाहन, यात्रा भत्ता, दूरभाष, इंटरनेट और विभिन्न प्रकार के अवकाश जैसी नई सुविधाएं भी मिलेंगी.

Chatgpt
Km Jaya

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया गया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के वेतन में बढ़ोतरी के साथ कई नई सेवा सुविधाओं को भी मंजूरी दे दी गई है. अब उन्हें संशोधित वेतन के अलावा किराया मुक्त सरकारी आवास, सरकारी वाहन, यात्रा भत्ता, दूरभाष, इंटरनेट और अवकाश जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. 

शासन की ओर से इस संबंध में आयोग के सचिव को आदेश जारी कर दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत आयोग के अध्यक्ष का मासिक वेतन 1.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.25 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं आयोग के सदस्यों का वेतन 1.47 लाख रुपये से बढ़ाकर 2,05,400 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है. 

क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

शासन के विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह की ओर से जारी पत्र में संशोधित वेतन और नई सुविधाओं का पूरा विवरण दिया गया है. अब तक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को केवल वेतन मिलता था और अन्य सेवा सुविधाओं का प्रावधान नहीं था. नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें किराया मुक्त सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाएगा. 


यदि किसी कारण से सरकारी आवास उपलब्ध नहीं हो पाता है तो अध्यक्ष को उनके समकक्ष अधिकारियों के लिए निर्धारित दरों के अनुसार मकान किराया भत्ता मिलेगा. वहीं सदस्यों को भी 10,000 ग्रेड पे वाले अधिकारियों के लिए तय नियमों के अनुसार मकान किराया भत्ता दिया जाएगा.

नई व्यवस्था में और क्या-क्या है शामिल?

नई व्यवस्था में अध्यक्ष के लिए सरकारी वाहन की सुविधा भी मंजूर की गई है. वहीं सदस्यों को वाहन और ईंधन भत्ता मिलेगा. इसके अलावा आधिकारिक कार्यों के लिए यात्रा भत्ता भी निर्धारित किया गया है. संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अध्यक्ष को हर वर्ष 25 हजार रुपये तथा प्रत्येक सदस्य को 20 हजार रुपये तक दूरभाष और इंटरनेट खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी.

शासन ने क्या किया स्पष्ट?

आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को अब अर्जित अवकाश, चिकित्सकीय अवकाश, असाधारण अवकाश और अवकाश नकदीकरण जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. इससे उनकी सेवा शर्तें और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक हो जाएंगी. शासन ने स्पष्ट किया है कि इन नई सुविधाओं के कारण होने वाले अतिरिक्त वित्तीय व्यय का वहन आयोग स्वयं अपने संसाधनों से करेगा. इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी.

इस फैसले को आयोग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. नई वेतन व्यवस्था और सेवा सुविधाओं से आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे चयन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है.