यूपी में IAS बनने का सपना अब गांव में होगा पूरा, 32 जिलों की पंचायतों में खुलीं डिजिटल लाइब्रेरी
उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकसित हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी अब ग्रामीण युवाओं को UPSC, UPPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी का अवसर देंगी. ई बुक्स, वीडियो लेक्चर और डिजिटल क्विज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब पहले से कहीं अधिक आसान होने जा रही है. राज्य सरकार ने गांवों में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित कर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है. पहले चरण में 32 जिलों की हजारों ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था तैयार की गई है. यहां छात्र पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल सामग्री का उपयोग कर घर के पास ही बेहतर तैयारी कर सकेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में 32 जिलों की 11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की गई हैं. इन केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इससे गांव के छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी.
पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की सुविधा
इन लाइब्रेरी में पारंपरिक पुस्तकों के साथ आधुनिक डिजिटल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है. विद्यार्थियों को 20 हजार से अधिक ई बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और डिजिटल क्विज का निशुल्क लाभ मिलेगा. इससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार अलग अलग माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे और कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे.
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हर लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च
पंचायतीराज विभाग के अनुसार प्रत्येक लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण के लिए लगभग चार लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इसमें करीब दो लाख रुपये प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों पर खर्च किए गए हैं. वहीं 1.30 लाख रुपये कंप्यूटर, टैबलेट और इंटरनेट जैसी आईटी सुविधाओं पर तथा 70 हजार रुपये आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था के लिए लगाए गए हैं.
डिजिटल शिक्षा से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धी क्षमता
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार इन लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल पुस्तकें उपलब्ध कराना नहीं है. यहां छात्रों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. विद्यार्थी एक्सपर्ट्स के वीडियो लेक्चर देख सकेंगे, ऑडियो सामग्री सुन सकेंगे और डिजिटल क्विज के माध्यम से अपनी तैयारी का आकलन भी कर सकेंगे.
ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे
सरकार का मानना है कि इस पहल से गांवों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी. इससे UPSC, UPPSC और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं का समय और खर्च दोनों बचेंगे. आधुनिक संसाधनों तक आसान पहुंच मिलने से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा.