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'आर्ट्स नहीं साइंस का पेपर है...', यूपी बोर्ड का गलत प्रश्न पत्र मिलने से परीक्षा हॉल में मची खलबली, जानें कहां हुई बड़ी चूक

श्री देवशरण स्मारक इंटर कॉलेज के विज्ञान वर्ग के छात्रों को गलत प्रश्न पत्र दिया गया. इसके बार हॉल में खलबली मच गई. साइंस का पेपर देने गए छात्रों को आर्ट्स का पेपर दे दिया गया. इससे कई छात्र नाराज नजर आएं.

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Edited By: Reepu Kumari
'आर्ट्स नहीं साइंस का पेपर है...', यूपी बोर्ड का गलत प्रश्न पत्र मिलने से परीक्षा हॉल में मची खलबली, जानें कहां हुई बड़ी चूक
Courtesy: Pinterest

परीक्षा के समय कई तरह की खबरें आती रहती हैं. कई बार चीटिंग की तो कई बार कुछ और. इस बार तो हद ही हो गई. कौशांबी में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के बीच में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद छात्रों को भी नहीं थी.

श्री देवशरण स्मारक इंटर कॉलेज के विज्ञान वर्ग के छात्र देने तो गए थे किसी और विषय का पेपर लेकिन उन्हें कोई और ही पेपर दे दिया गया. कॉलेज के साइंस के छात्रों को गलत प्रश्न पेपर दिया गया. जानकारी के अनुसार आश्रम पद्धति विद्यालय, बरैसा परीक्षा केंद्र पर जो छात्र साइंस स्ट्रीम थे उन्हें हिंदी विषय में आर्ट्स का पेपर दे दिया गया.

गलत प्रश्न पत्र मिलने पर छात्रों ने क्या किया?

कॉलेज से इतनी गलती के बारे में पता चलते ही छात्रों ने इसकी सूचना जल्द से जल्द परीक्षा केंद्र के अधिकारियों को दी. उसके बाद सभी छात्रों से पेपर वापस ले लिया गया है. उसके बाद छात्रों को सही पेपर के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा. इस पूरी प्रक्रिया में समय बहुत लगा. इसलिए छात्रों को परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने ज्यादा समय देने का भरोसा दिलाया गया. हालांकि छात्रों को तय समय से पहले ही उत्तर पुस्तिकाएं जमा करनी पड़ीं.

फिर से पेपर कराने की मांग

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के द्वारा इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया गया. जिलाधिकारी के अनुसार केंद्र पर प्रश्न पत्र कम पड़ गए थे. ये जो परेशानी हुई उसे 5-10 मिनट में सुलझा ली गई. DM की मानें तो छात्रों को उसके बदले उतने पैसे दिए गए हैं. कई ऐसे छात्र थें जिन्हें ज्यादा समय भी दिया गया है.  

वहीं कई छात्रों में इसकी वजह से नाराजगी देखी गई. छात्रों की मानें तो उन्हें परीक्षा पूरी करने का मौका नहीं मिला. इससे जो उन्होनें मेहनत की थी वो बेकार गई. छात्रों की ओर से इसे लेकर दो मांगे भी की गई हैं. पहली मांग परीक्षा को दोबारा कराने की है वहीं दूसरी मांग नंबर में सुधार को लेकर है.