'पेट में किसका बच्चा है', नोएडा की ट्विशा शर्मा के Whatsapp चैट से खुला क्रूरता का राज
भोपाल में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी आखिरी व्हाट्सएप चैट सामने आई है. इसमें उन्होंने ससुराल पक्ष द्वारा किए जा रहे भयंकर उत्पीड़न और जान के खतरे की बात कबूल की थी.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नोएडा की रहने वाली पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बेहद संवेदनशील और खौफनाक मोड़ पर आ चुका है. मौत के महज पांच दिन पहले ट्विशा द्वारा अपने माता-पिता को भेजे गए आखिरी व्हाट्सएप संदेश सार्वजनिक हो गए हैं. इन संदेशों ने उस बंद कमरे के पीछे छिपे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की डरावनी कहानी को पूरी तरह बयां कर दिया है, जिसे देखकर और पढ़कर किसी की भी रूह कांप जाए. पीड़ित परिवार अब अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतर आया है.
सामने आई व्हाट्सएप चैट के अनुसार, 31 वर्षीय ट्विशा ने अपनी मां से रोते हुए खुद को बचाने की गुहार लगाई थी. उन्होंने लिखा था कि यहां के लोग बेहद घटिया हैं और उन पर गंदे शक करते हैं. उनके पति समर्थ उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के पितृत्व पर भी सवाल उठाते थे. ट्विशा ने अपनी मां से भीख मांगते हुए कहा था कि मुझे आकर यहां से ले जाओ, वरना ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे. इसके अलावा पिता द्वारा बेटी को लगातार पैसे भेजने के सबूत भी मिले हैं.
संदिग्ध हालात में मिली लाश
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही उनका गर्भपात हो गया और बीती 12 मई को कटारा हिल्स स्थित घर में उनका शव फंदे से लटका मिला. हालांकि शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मौत फांसी से हुई है, लेकिन उनके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं. मायके वालों का आरोप है कि रसूख के कारण पुलिस ने ढिलाई बरती है.
मुख्यमंत्री आवास के बाहर भारी हंगामा
न्याय की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से ट्विशा के परिजनों ने भोपाल एम्स की मर्चुरी के बाहर डेरा डाला हुआ है, जहां शव अब खराब होने लगा है. रविवार को हताश होकर परिवार ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. इसके बाद मृतका के पिता और भाई ने सीएम के ओएसडी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई. प्रशासन की तरफ से उन्हें इस पूरे मामले की पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच कराने का ठोस भरोसा दिया गया है.
पीड़ित पिता की दो बड़ी मांगें
मीडिया से बात करते हुए मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने साफ तौर पर सरकार के सामने दो बड़ी शर्तें रखी हैं. पहली मांग यह है कि बेटी की मौत का असली सच जानने के लिए उसके शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की निगरानी में कराया जाए. दूसरी मांग यह है कि चूंकि ससुराल पक्ष का मध्य प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा रसूख है, इसलिए इस पूरे मामले की कानूनी सुनवाई को राज्य से बाहर किसी अन्य प्रदेश में ट्रांसफर किया जाए.
एसआईटी जांच और बढ़ता दबाव
इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है. कटारा हिल्स थाना प्रभारी इस मामले के हर एक डिजिटल और भौतिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं. आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पहले ही अदालत से अग्रिम जमानत ले रखी है. लेकिन इन नए व्हाट्सएप चैट्स के सार्वजनिक होने के बाद अब पुलिस और कानून पर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का दबाव काफी बढ़ गया है.