नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सनसनीखेज भविष्यवाणी की है. एनडीए के सहयोगी होने के बावजूद राजभर ने सोमवार को खुलकर कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सत्ता से बाहर हो जाएगा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे.
राजभर ने अपने दावे का आधार बिहार के चुनावी इतिहास को बताया. उन्होंने कहा, “मैंने गूगल पर खोजा तो पता चला कि बिहार में जब-जब मतदान प्रतिशत 60 फीसदी से ऊपर गया है तब-तब राजद सत्ता में आया है. इस बार भी वोटिंग उच्च स्तर पर रही है इसलिए तेजस्वी यादव की सरकार बनना तय है.” राजभर का मानना है कि बढ़ती मतदाता भागीदारी आमतौर पर सत्ताविरोधी लहर का संकेत होती है जो इस बार एनडीए के खिलाफ जा रही है.
राजभर ने चुनावी मैदान की जटिलता पर भी रोशनी डाली. उन्होंने कहा, “बिहार में घोर घाचपेच चल रहा है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM राजद के वोट काटने की कोशिश कर रही है, जबकि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) सभी दलों के खिलाफ खड़े हैं.” उनके मुताबिक, “नेता बोल रहे हैं, लेकिन जनता खामोश है. जनता का मूड कोई नहीं पढ़ पा रहा.” यह खामोशी ही राजद के पक्ष में बड़ा फैक्टर बन सकती है.
दिलचस्प बात यह है कि ओम प्रकाश राजभर खुद एनडीए का हिस्सा हैं और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के साथ गठबंधन में हैं. फिर भी उन्होंने बिहार में एनडीए की हार की भविष्यवाणी करके राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है. क्या यह उनकी निजी राय है या क्षेत्रीय समीकरणों का गहरा आकलन? राजनीतिक पंडित इसे राजभर की बेबाक शैली मान रहे हैं जो अक्सर चौंकाने वाले बयान देते रहे हैं.
बिहार में दो चरणों में मतदान होना है. दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर यानी कल होगा. पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदान हुआ है. इतना मतदान बिहार में किसी विधानसभा या लोकसभा चुनाव में अभी तक कभी नहीं हुआ था. ज्यादा मतदान को सत्ता के खिलाफ भी माना जाता रहा है. 1990 में पहली बार जब लालू यादव सत्ता में आए तो मतदान प्रतिशत 62.04% रहा, जो 60% से ऊपर था. अगली बार 1995 में भी 61.79% वोटिंग हुई और उनकी सत्ता बरकरार रही.