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राम लला के ललाट पर लगा सूर्य तिलक, रामनवमी के मौके पर अयोध्या में जश्न

पूरे देश में रामनवमी का जश्न मनाया जा रहा है. हालांकि अयोध्या में जश्न का खास आयोजन है. राम मंदिर में विराजमान राम लला के ललाट पर आज सूर्य तिलक लगाया गया. भक्तों में खुशी की लहर है.

ANI
Shanu Sharma

राम नवमी का पावन त्योहार शुक्रवार को अयोध्या समेत पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है. भक्तों में खास उल्लास देखने को मिल रहा है. राम जन्मभूमि मंदिर में इस साल भी सूर्य तिलक का समारोह रखा गया. पिछली बार की तरह इस बार फिर राम लला के ललाट पर वैज्ञानिक तरीके से सूर्य तिलक लगाया गया.

सूर्य तिलक समारोह में दर्पणों और लेंसों की मदद ली जाती है. सूर्य की किरणें इन उपकरणों के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश करती हैं और कुछ मिनटों तक राम लला के माथे पर चमकीला तिलक बनाती हैं. यह समारोह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आधुनिक विज्ञान और प्राचीन परंपरा के सुंदर मेल का भी प्रतीक भी है. 

भक्ति की माहौल में डूबा पूरा शहर

मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए पूरे अयोध्या में लाइव स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है. जिसकी मदद से हजारों श्रद्धालु, जो मंदिर के अंदर नहीं पहुंच पाए हैं वह इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन सके. राम नवमी के मौके पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. हजारों किलोमीटर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने सुबह पवित्र स्नान किया और फिर राम मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की. 

इस बार राम मंदिर में क्यों हो रहा खास उत्सव?

राम नवमी के त्योहार को शांति से मनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. अयोध्या मंडल के कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि आज राम नवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में आस्था की विशाल लहर उमड़ पड़ी है. हर तरफ भक्ति का वातावरण है और जय श्री राम के जयकारों से पूरा शहर गूंज रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं.

व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. पुलिस बलों को विभिन्न स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या अप्रिय घटना न हो. इस वर्ष राम नवमी का उत्सव इसलिए भी खास था क्योंकि राम मंदिर के निर्माण के बाद पहली बार पूर्ण भव्यता के साथ यह त्योहार मनाया जा रहा है. भक्त राम लला को नवजात शिशु के रूप में देखने और उनके जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दूर से पहुंचे थे.