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Trump-Netanyahu Call: ‘नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहूंगा’, ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वही करेंगे जो वह चाहेंगे. ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर दोनों नेताओं के बीच फोन कॉल में तनाव की खबर सामने आई है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि 'नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहूंगा.' उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीति पर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मंगलवार को उनकी फोन पर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू बातचीत हुई. ट्रंप ने कहा - 'वह बहुत अच्छे इंसान हैं और मैं जो कहूंगा वही करेंगे. वह एक बेहतरीन नेता है. यह मत भूलिए कि वह युद्धकालीन प्रधानमंत्री रहे हैं.'

'दोनों नेताओं के बीच फोन कॉल तनावपूर्ण रही'

हालांकि ट्रंप और नेतन्याहू के करीबी रिश्तों की चर्चा लंबे समय से होती रही है, लेकिन इसी वजह से इजरायली प्रधानमंत्री को घरेलू आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है. आलोचकों का कहना है ‌कि नेतन्याहू, ट्रंप के सामने अपनी स्वतंत्र रणनीति रखने में कमजोर पड़ते जा रहे हैं. इस बीच अमेरिकी मी‌डिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंगलवार को दोनों नेताओं के बीच फोन कॉल तनावपूर्ण रही. 

अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर आशंकित हैं नेतन्याहू

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया कि कई अरब और मुस्लिम देश अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि नेतन्याहू इस संभावित समझौते को लेकर सशंकित हैं. उनका मानना है कि अमेरिका को ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखना चाहिए और उसकी महत्वपूर्ण संरचनाओं को निशाना बनाकर उसे और कमजोर करना चाहिए.

फोन कॉल के बाद चिंतित नजर आए नेतन्याहू

एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि फोन कॉल के बाद नेतन्याहू बेहद चिंतित नजर आए. हालांकि इजरायली सूत्रों का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत के दौरान को लेकर नेतन्याहू हमेशा सतर्क रहते हैं. फिलहाल अमेरिका के व्हाइट हाउस और इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.