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मथुरा: बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन का समय बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, टॉप अदालत ने किसे भेजा नोटिस

मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने ठाकुर जी के दर्शन का समय रोजाना करीब पौने तीन घंटे बढ़ाने का आदेश दिया था.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
Prem Kaushik
Reported By: Prem Kaushik
मथुरा: बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन का समय बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, टॉप अदालत ने किसे भेजा नोटिस
Courtesy: @CityOfKrishna X account

मथुरा: मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने ठाकुर जी के दर्शन का समय रोजाना करीब पौने तीन घंटे बढ़ाने का आदेश दिया था. 

इस आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समिति को नोटिस जारी किया है. 12 सितंबर को एक बैठक हुई थी जिसमें समय बढ़ाने का निर्णय लिया गया था.  

श्रद्धालुओं  की सुविधा के लिए बढ़ाया था समय 

दरअसल उच्चाधिकार प्रबंधन समिति ने 12 सितंबर को हुई बैठक में भीड़ नियंत्रण करने और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन के समय को हर दिन लगभग पौने तीन घंटे बढ़ाने का निर्णय लिया था. हालांकि, इस आदेश को मंदिर के सेवायतों ने लागू नहीं किया. 

ठाकुर बांकेबिहारी के विश्राम का तय है समय

सेवायतों का कहना है कि यहां ठाकुर बांकेबिहारी जी की सेवा बाल स्वरूप में होती है. इसलिए उन्हें आराम और विश्राम के लिए तय समय मिलना जरूरी है। अगर दर्शन का समय बढ़ाया गया तो ठाकुर जी की दैनिक सेवा व्यवस्था प्रभावित होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

इस पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सेवायत पक्ष के वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने कहा कि समिति मंदिर की पुरानी और पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि दर्शन समय बढ़ाने के साथ-साथ भोग और प्रसाद की व्यवस्था में भी दखल दिया गया है. वकील का यह भी कहना है कि पहली बार ठाकुर बांकेबिहारी जी को बाल भोग नहीं लगाया गया और लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़े टेंडर भी पसंदीदा लोगों को दिए गए हैं.

इन सभी बिंदुओं को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समिति को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई जनवरी के पहले सप्ताह में निर्धारित की गई है.