menu-icon
India Daily

कुमार विश्वास की बढ़ी मुश्किल, एमपी-एमएलए ने कोर्ट ने जारी किया समन; जानें क्या है मामला

यह पूरा मामला 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है, तब कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के नेता थे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ रहे थे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
कुमार विश्वास की बढ़ी मुश्किल, एमपी-एमएलए ने कोर्ट ने जारी किया समन; जानें क्या है मामला
Courtesy: @DrKumarVishwas

चर्चित कवि कुमार विश्वास मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने कुमार विश्वास, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है.

अदालत ने 30 अप्रैल को आदेश जारी करते हुए सभी आरोपियों को तलब किया और मामले की अगली सुनवाई 15 मई के लिए निर्धारित की है. यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में चल रहा है. विशेष शासकीय अधिवक्ता कालिका  प्रसाद मिश्र ने कहा कि यह केस पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित था जिसे हाल ही में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है.

2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है, तब कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के नेता थे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ रहे थे. आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन अमेठी कोतवाल मोहम्मद हमीद ने कुमार विश्वास और उनके सपोर्टस् को एरिया छोड़ने का निर्देश दिया था क्योंकि वे वहां के मतदाता नहीं थे. भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान के 48 घंटे पहले बाहरी व्यक्तियों का चुनावी क्षेत्र में रहना बैन होता है लेकिन इस दौरान आप नेताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई और मामला गंभीर हो गया था.

आचार संहिता के उल्लंघन का मामला

दिशा-निर्देश के बावजूद कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र नहीं छोड़ा, जिसके बाद पुलिस ने सभी के खिलाप आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था.

कोर्ट ने दिए पेश होने के निर्देश

अब अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी