अयोध्या में कार बनी 'चलती तिजोरी', 200 किलो चांदी जब्त; राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई

राज्य कर विभाग ने मुखबिर की सूचना पर रौनाही टोल प्लाजा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए यात्री वाहन से लगभग दो क्विंटल संदिग्ध चांदी बरामद की है. वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर चांदी और वाहन को जब्त कर लिया गया है.

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Shanu Sharma

राज्य कर विभाग को बीती रात उस समय बड़ी सफलता मिली, जब मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर गोरखपुर से ले जायी जा रही संदिग्ध चांदी की खेप को रौनाही टोल प्लाजा के पास पकड़ लिया गया. सचल दस्ते ने यात्री वाहन की घेराबंदी कर उसकी तलाशी ली, जिसमें लगभग दो क्विंटल चांदी बरामद हुई. 

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चांदी का कुछ हिस्सा वाहन के ऊपर रखा गया था, जबकि बाकी को वाहन के अंदर इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में आसानी से दिखाई न दे.

वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहन सहित जब्ती

तलाशी के दौरान वाहन चालक और साथ मौजूद लोगों से चांदी से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी आवश्यक प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका. इसके बाद राज्य कर विभाग ने पूरी खेप और वाहन को अपने कब्जे में लेकर राज्य कर कार्यालय पहुंचाया. अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है. बरामदगी की जानकारी रात में ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई.


अपर निदेशक ग्रेड-एक ब्रजेश कुमार मिश्र और अपर निदेशक ग्रेड-दो अमित मोहन को कार्रवाई की सूचना तत्काल भेजी गई. इसके बाद पूरी रिपोर्ट लखनऊ स्थित मुख्यालय को भी भेज दी गई. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में चांदी मिलने के बाद उसके सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

शुद्धता की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, बरामद चांदी को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन से कोषागार में जमा करने की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है. यदि अनुमति नहीं मिलती है तो इसे राज्य कर कार्यालय में पुलिस सुरक्षा के बीच रखा जाएगा. गुरुवार को सराफा बाजार बंद होने के कारण चांदी की शुद्धता की जांच नहीं हो सकी. अब शुक्रवार को परीक्षण कराया जाएगा, जिससे वास्तविक शुद्ध मात्रा का पता चलेगा.

विभाग के अनुसार, अभी तक कोई भी व्यक्ति चांदी के स्वामित्व का दावा करने या वैध दस्तावेज लेकर सामने नहीं आया है. यदि निर्धारित समय तक कोई दावा नहीं किया जाता है तो वाहन चालक को नोटिस जारी किया जाएगा. उसके जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राज्य कर विभाग आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा. फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है.