'बंटवारा 1947' से पहले थिएटर में गरजेंगे सनी देओल, घायल, घातक और दामिनी फिल्म होगी री-रिलीज
सनी देओल और राजकुमार संतोषी की सुपरहिट फिल्में दामिनी, घातक और घायल एक बार फिर सिनेमाघरों में लौट रही हैं. इन फिल्मों की री-रिलीज 14 अगस्त को आने वाली बटवारा 1947 से पहले की जा रही है.
हिंदी सिनेमा के प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की यादगार फिल्मों को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलने जा रहा है. पीवीआर आईनॉक्स ने इन क्लासिक फिल्मों की री-रिलीज का ऐलान किया है, जिससे दर्शक एक बार फिर पुराने दौर के दमदार सिनेमा का आनंद ले सकेंगे.
तीन हफ्तों तक बड़े पर्दे पर लौटेंगी क्लासिक फिल्में
पीवीआर आईनॉक्स ने सनी देओल और राजकुमार संतोषी की चर्चित फिल्मों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा रिलीज करने की योजना बनाई है. इस सिलसिले की शुरुआत 24 जुलाई को दामिनी से होगी. इसके बाद 31 जुलाई को घातक सिनेमाघरों में लौटेगी, जबकि 7 अगस्त को घायल की री-रिलीज के साथ यह विशेष फिल्म समारोह पूरा होगा. इन फिल्मों की वापसी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भी बड़े पर्दे पर इन क्लासिक फिल्मों का अनुभव कराना है.
सनी देओल और संतोषी की सफल जोड़ी फिर चर्चा में
सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं. दामिनी के लिए राजकुमार संतोषी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था, जबकि सनी देओल को वकील गोविंद श्रीवास्तव की भूमिका के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वहीं घायल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी और सनी देओल को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार तथा विशेष जूरी राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. इन फिल्मों की कहानी और दमदार अभिनय आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं.
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'बटवारा 1947' की रिलीज से पहले खास तैयारी
इन क्लासिक फिल्मों की री-रिलीज को सनी देओल और राजकुमार संतोषी की नई फिल्म बटवारा 1947 की रिलीज से पहले विशेष अभियान के रूप में देखा जा रहा है. यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. कहानी वर्ष 1947 के भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इंसानियत, संघर्ष तथा उम्मीद का संदेश देती है. फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह और करण देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.
दर्शकों को मिलेगा पुरानी यादों का नया अनुभव
बड़े पर्दे पर इन फिल्मों की वापसी उन दर्शकों के लिए खास होगी जिन्होंने इन्हें रिलीज के समय देखा था, वहीं युवा दर्शकों को भी पहली बार थिएटर में इन क्लासिक्स का अनुभव मिलेगा. शानदार एक्शन, भावनात्मक कहानी और दमदार संवादों वाली ये फिल्में आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती हैं. ऐसे में बटवारा 1947 से पहले यह री-रिलीज सनी देओल के प्रशंसकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं मानी जा रही.