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राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा एक्शन, ऑडिट में सामने आईं गड़बड़ियां; SIT ने बैंक और ट्रस्ट पर कसा शिकंजा

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच तेज कर दी है. बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, बैंक कर्मचारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से पूछताछ की गई है.

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Km Jaya

अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल यानी SIT ने अपनी जांच तेज कर दी है. जांच के दौरान ऑडिट में कई कथित गड़बड़ियां सामने आने के बाद टीम ने बैंक रिकॉर्ड, ट्रस्ट के दस्तावेज और संबंधित लोगों से पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है. फिलहाल जांच जारी है और किसी भी पक्ष की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.

सूत्रों के अनुसार, SIT की टीम शुक्रवार को मंदिर परिसर पहुंची और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा अनिल मिश्रा से विस्तृत जानकारी ली. टीम ने ऑडिट से जुड़े दस्तावेज मांगे और उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की. प्रारंभिक जांच में ऑडिट प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सवाल उठे हैं, जिनकी पुष्टि के लिए दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है.

रिपोर्टों में क्या आया सामने?

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑडिट प्रक्रिया में किसी तरह की हेराफेरी हुई थी या नहीं. इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन में सामने आई कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है. कुछ रिपोर्टों में जमीन खरीद और बिक्री से जुड़े मामलों की भी जांच किए जाने की चर्चा है, हालांकि आधिकारिक रूप से फिलहाल जांच का मुख्य केंद्र चढ़ावा और वित्तीय रिकॉर्ड ही बताया गया है.


क्या लिया गया एक्शन?

SIT ने भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक समेत करीब 10 बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की है. जांच टीम ने बैंक के संबंधित लेनदेन का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध होने की आशंका के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. एक बैंक अधिकारी और ट्रस्ट से जुड़े व्यक्ति के बीच व्यक्तिगत संबंधों की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत हुई थी या नहीं.

और क्या जानकारी आई सामने?

इसी बीच मंदिर निर्माण से जुड़े सहायक गोपाल राव के अयोध्या से बाहर जाने की जानकारी भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि वह दिल्ली या कर्नाटक गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां इस पहलू को भी ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही हैं.

मामले में ट्रस्ट का लेखा-जोखा देखने वाले तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से भी पूछताछ की गई है. SIT ने उनसे ऑडिट प्रक्रिया और वित्तीय दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और किसी भी जिम्मेदारी को लेकर निर्णय लिया जाएगा.