UP Cabinet: छात्राओं को स्कूटी, दो नए एक्सप्रेसवे..., योगी कैबिनेट में 18 प्रस्ताव पास; 3 से 6 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र

उत्तर प्रदेश सरकार ने योगी कैबिनेट की बैठक में 18 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी. दो नए एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला हुआ. वहीं मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने को भी हरी झंडी मिल गई.

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Ashutosh Rai

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी मिली. इनमें नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को स्कूटी और विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से जुड़े फैसले शामिल हैं.

दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में प्रयागराज से सोनभद्र तक करीब 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति मिल गई. सरकार का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और यात्रा आसान होगी. इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इस परियोजना के लिए ईपीसी मोड के तहत विकासकर्ता के चयन का रास्ता भी साफ कर दिया गया है.


मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के तहत रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने का फैसला भी लिया. इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 में सभी प्रकार के कॉलेजों की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग छात्राओं और शहीद या निराश्रित परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा देना और उनकी पढ़ाई को आसान बनाना है.

मानसून सत्र की तारीख भी तय

कैबिनेट बैठक में महिला कल्याण, गृह, परिवहन, राज्यकर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. संभल जांच रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का प्रस्ताव भी पास हुआ. वहीं उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित होगा. इस दौरान सरकार अपने कई विधायी कार्य पूरे करेगी. माना जा रहा है कि विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, इसलिए इस बार का मानसून सत्र काफी चर्चा में रहने की संभावना है.