मस्जिद ढही तो नीचे दिखा रहस्यमयी कुआं! 20 फीट गहराई ने बढ़ाई हलचल, ASI करेगी जांच

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद उसके नीचे करीब 20 फीट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं मिला है. प्रशासन ने कुएं की उम्र और पुरातात्विक महत्व की जांच के लिए ASI को बुलाया है.

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Babli Rautela

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद अब वहां एक कुआं मिलने से मामला और चर्चा में आ गया है. प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद के मलबे के नीचे करीब 20 फीट गहरा और लगभग डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं मिला है. कुएं की उम्र और उसकी पुरातात्विक स्थिति का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है.

जानकारी के मुताबिक, कुआं पत्थर के स्लैब से ढका हुआ था. मलबा हटाने के दौरान प्रशासन ने कटर की मदद से स्लैब को काटा, जिसके बाद नीचे कुआं दिखाई दिया. फिलहाल पुलिस ने कुएं को लोहे की चादर से ढक दिया है, ताकि उसमें मलबा न गिरे और किसी तरह की दुर्घटना न हो.

कुएं की उम्र पता करेगी ASI

प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह कुआं कितना पुराना है. इसी उद्देश्य से ASI को मौके पर बुलाया गया है. घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है. मस्जिद को लेकर शिकायत करने वाले विकास त्यागी ने दावा किया है कि इस जगह पर पहले मंदिर रहा होगा और उसे तोड़कर मस्जिद बनाए जाने की जांच होनी चाहिए. हालांकि, यह दावा फिलहाल संबंधित पक्ष की ओर से किया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.


कुआं मिलने के बाद तेज हुई सियासत

मस्जिद ढहाए जाने के बाद अब कुएं के मिलने को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. सांसद चंद्रशेखर ने कहा है कि इस मामले की लड़ाई सदन, अदालत और सड़क पर लड़ी जाएगी. उन्होंने मस्जिद गिराने की कार्रवाई में जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए हैं.

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए तंज कसा. उन्होंने पूछा कि क्या अखिलेश यादव सहारनपुर जाकर कथित अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे.

16 घंटे चली थी बुलडोजर कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, शनिवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को हटाने की कार्रवाई करीब 16 घंटे तक चली. रविवार सुबह तक मलबा हटाने का काम जारी रहा और इसके बाद परिसर में मस्जिद वाली जगह को समतल कर दिया गया. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद की गई. दूसरी ओर, मस्जिद पक्ष का आरोप है कि उसे हाईकोर्ट में अपील करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया. मस्जिद पक्ष के वकील बाबर वसीम ने कहा है कि कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा.

मस्जिद करीब 100 साल पुरानी होने का दावा

मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि यह मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी. उनके मुताबिक, करीब 70 साल पुराने वक्फ से जुड़े दस्तावेजों में भी मस्जिद का उल्लेख मिलता है. अब कुआं मिलने के बाद प्रशासन की जांच पर सभी की नजर है. ASI की जांच से कुएं की उम्र और उसकी ऐतिहासिक या पुरातात्विक स्थिति के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

फिलहाल घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और कुएं को सुरक्षित रखने के लिए उसे लोहे की चादर से ढक दिया गया है. कुएं को लेकर किए जा रहे विभिन्न दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.