Ram Lalla Darshan: अयोध्या राम मंदिर में साधु संतों के लिए राम मंदिर विशेष दर्शन पास जारी करने की तैयारी चल रही है. यह राम मंदिर विशेष दर्शन पास एक वर्ष के लिए देने का प्रस्ताव है, जिससे संतों को रामलला के दर्शन में सुविधा मिल सकेगी. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धर्म समिति इस प्रस्ताव पर चर्चा कर चुकी है. अब अगली बैठक में इसके स्वरूप और प्रवेश व्यवस्था पर विचार होगा. इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया जाएगा. इस प्रस्ताव को लेकर धर्म समिति की पहली ऑनलाइन बैठक में अयोध्या के संतों की परेशानियों पर विस्तार से चर्चा हुई.
समिति के सदस्यों ने ट्रस्टियों के सामने संतों की समस्याएं रखीं. इसके बाद रामलला के दर्शन को लेकर विशेष व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार किया गया.
सूत्रों के अनुसार, आगामी धर्म समिति की बैठक में दर्शन पास से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में इस प्रारूप का अध्ययन होगा. प्रस्ताव में मुख्य रूप से इन बातों पर विचार किया जा रहा है;
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना के बाद स्थानीय संतों में नाराजगी बढ़ी थी. इसके बाद संतों को मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में कदम उठाए गए.पहले धर्म समिति में स्थानीय संतों को शामिल किया गया. अब रामलला दर्शन, अयोध्या राम मंदिर, संतों के लिए विशेष पास और राम मंदिर दर्शन व्यवस्था को लेकर नई सुविधा पर विचार किया जा रहा है.
धर्म समिति की पिछली बैठक में रामलला के झूलनोत्सव की रूपरेखा भी तैयार की गई. इस बार तृतीया तिथि से पूर्णिमा तक झूलनोत्सव आयोजित करने की योजना है.इसके साथ ही सांस्कृतिक संध्या के लिए कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है. इसमें बाहर से आने वाले कलाकारों के साथ अयोध्या के स्थानीय कलाकारों को भी अवसर देने की तैयारी है.
धर्म समिति के एक प्रतिनिधि के अनुसार, विशेष दर्शन पास का प्रस्ताव ट्रस्टियों के सामने रखा जा चुका है. संतों और महंतों की सूची तैयार करने का काम भी शुरू किया जा रहा है.अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो राम मंदिर विशेष दर्शन पास के जरिए संतों को पूरे वर्ष रामलला के दर्शन में सहूलियत मिल सकती है. हालांकि, पास जारी करने की अंतिम प्रक्रिया और प्रवेश नियमों पर ट्रस्ट की मुहर लगना अभी बाकी है. रामलला के पुजारियों के लिए पहनावे की व्यवस्था भी तय की गई है. अब पुजारी पीले रंग की धोती और उत्तरीय पहने दिखाई देंगे.मंदिर की व्यवस्थाओं में हो रहे इन बदलावों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के साथ दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना बताया जा रहा है.