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राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, नए ट्रस्टी और महासचिव पर लग सकती है मुहर; प्रबंधन में बड़े बदलाव संभव

अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बुधवार को होने जा रही है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं. बैठक में नए ट्रस्टियों और नए महासचिव के चयन के साथ मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं.

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Reepu Kumari

अयोध्या: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद यह पखवारे भर के भीतर दूसरी बैठक होगी. ऐसे में ट्रस्ट के भीतर संगठनात्मक बदलाव और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है. बैठक में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति, महासचिव के चयन और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे प्रस्तावों पर विचार हो सकता है. इसके साथ ही वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है.

नए ट्रस्टी और महासचिव के चयन पर रहेगा फोकस

बैठक की शुरुआत ट्रस्टियों की विशेष बैठक से होगी, जिसमें रिक्त पदों पर नए सदस्यों के नामों पर विचार किया जाएगा. इसके बाद सामान्य बैठक में पहले हुई बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी. ट्रस्ट में वर्तमान में तीन पद रिक्त हैं और इन्हें भरने पर सहमति बन सकती है. साथ ही अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को स्थायी महासचिव बनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है.

मंदिर प्रबंधन को और मजबूत करने की तैयारी

बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर रहेगा. प्रस्तावित एजेंडे के अनुसार गणना कक्ष को यात्री सुविधा केंद्र से हटाकर परकोटे के बेसमेंट में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा सकता है. इसका उद्देश्य चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना और चोरी जैसी घटनाओं की आशंका को कम करना है. निगरानी व्यवस्था को भी और सुदृढ़ किए जाने की संभावना है.


पहले लिए गए फैसलों की होगी पुष्टि

छह जुलाई को हुई ट्रस्ट बैठक में चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद कई अहम निर्णय लिए गए थे. मंदिर के व्यवस्थापक रहे गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य पद से हटाया गया था और अंतरिम व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. साथ ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के चयन के लिए वरिष्ठ सदस्यों की एक समिति भी गठित की गई थी.

एसआईटी रिपोर्ट पर चर्चा की संभावना कम

बैठक के एजेंडे में विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट का उल्लेख है, लेकिन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत हो जाने के कारण इस पर विस्तृत चर्चा की संभावना कम मानी जा रही है. हालांकि ट्रस्ट अध्यक्ष की अनुमति से अन्य प्रशासनिक विषयों पर विचार किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार पूर्व पदाधिकारियों की संस्तुति पर नियुक्त कुछ कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी बैठक में फैसला लिया जा सकता है.

इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा

ट्रस्ट के नए सदस्य के रूप में रामनगरी के कई संत-धर्माचार्यों के नाम चर्चा में हैं. इनमें आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, महंत कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, महंत रामशरणदास, डॉ. रामानंददास, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर और अयोध्या राजपरिवार के उत्तराधिकारी यतींद्र मोहन मिश्र का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. हालांकि अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से लिया जाएगा.